ठेकेदार ने इसकी शिकायत सीबीआई से कर दी। सीबीआई की टीम ने जाल बिछाकर ठेकेदार को रुपये लेकर डॉ. सतीश शर्मा के पास जाने के लिए कहा। बताया गया कि डॉ. सतीश शर्मा ने ठेकेदार को अंसल टाउन में पार्क के पास बुला लिया। ठेकेदार से तीन लाख रुपये लेते समय वहां पहले से मौजूद सीबीआई टीम ने डॉ. सतीश शर्मा को दबोच लिया।
इसके बाद टीम डुप्लेक्स में देर रात तक कैंट बोर्ड से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल करती रही। यह भी जानकारी मिल रही है कि एक नवनिर्मित मॉल के ठेकेदार ने भी उनके खिलाफ शिकायत की थी। हालांकि सीबीआई ने गिरफ्तारी के संबंध में आधिकारिक रूप से भी अभी कोई बयान जारी नहीं किया है।
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कैंट बोर्ड में भ्रष्टाचार पर सीबीआई ने पहले भी की है कई बार कार्रवाई
इससे पहले कैंटोनमेंट जनरल हॉस्पिटल में 40 लाख रुपये की दवाओं के मामले में भी सीबीआई ने छापा मारा था। नवंबर 2023 में भी सीबीआई ने कैंट बोर्ड ऑफिस पर एक बड़ी छापेमारी की थी। सफाई निरीक्षकों की संलिप्तता के चलते कंप्यूटर हार्डडिस्क और फाइल्स जब्त की गई थी।
दुकानों के अवैध निर्माण को जारी रखने के लिए घूस लेने के मामले में यह कार्रवाई हुई थी। बताया जाता है कि 2016 में भी कैंट बोर्ड में क्लर्क की नौकरी दिलाने के नाम पर 10 लाख रुपये की रिश्वत मांगने के मामले में सीबीआई ने एक अधिकारी की गिरफ्तारी की थी।