मेरठ जिला अस्पताल में ईएनटी सर्जन से अभद्रता के मामले की विभागीय जांच पूरी नहीं हो पाई है। वहीं जांच के लिए आई महिला और महिला पुलिसकर्मी तक के बयान दर्ज नहीं किए गए हैं। उधर, पुलिस ने 23 दिन बाद भी रिपोर्ट दर्ज नहीं की है।
प्रमुख अधीक्षक डॉ. हीरा सिंह ने बताया कि ईएनटी सर्जन डॉ. बीपी कौशिक ने शिकायत में इमरजेंसी की सीसीटीवी फुटेज देखने और जांच के लिए माछरा सीएचसी से आई महिला एवं महिला पुलिसकर्मी के बयान लिये जाने की मांग की थी।
इन दोनों को पहले भी बयान देने के लिए बुलाया गया था मगर दोनों महिलाएं नहीं आई हैं। अब फिर से उन्हें थानाध्यक्ष के माध्यम से पत्र लिखा गया है कि बयान दर्ज कराएं।
उधर, आरोप है कि जिला अस्पताल की इमरजेंसी में सीनियर ईएनटी सर्जन से अभद्रता के मामले को न तो पुलिस और न ही जिला अस्पताल के अधिकारी गंभीरता से ले रहे हैं। थाने में प्रार्थना पत्र दिए 23 दिन बीत गए मगर अभी तक एफआईआर तक दर्ज नहीं की गई है। वहीं, विभागीय जांच में भी सबके बयान नहीं हुए हैं।
चीफ फार्मासिस्ट पर ये हैं आरोप
ईएनटी सर्जन डॉ. बीपी कौशिक ने 21 जून को थाने में दी तहरीर में आरोप लगाए कि इमरजेंसी में चीफ फार्मासिस्ट एके रस्तोगी ने उनसेे अभद्रता पूर्ण व्यवहार किया और शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाई थीं। महिला मरीज और महिला पुलिसकर्मी के साथ भी दुर्व्यवहार किया था।
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