फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मेरठ: चलती कार में लगी आग, बनी आग का गोला, चाचा-भतीजा झुलसे; फरिश्ता बनकर आया ई-रिक्शा चालक

Fri, 02 Oct 2026 09:45 PM IST
Mohd Mustakim अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ

सार

दिल्ली निवासी सुरेंद्र अपने भतीजे सार्थक के साथ सियाज कार से मेरठ के अंदावली गांव जा रहे थे। लावड़ रोड पर काली नदी पार करते ही अझौता मोड़ के पास अचानक कार में आग लग गई। दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। 
विज्ञापन
धू-धू कर जलती कार और झुलसे चाचा-भतीजा। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

लावड़ रोड पर अझौता मोड़ के पास शुक्रवार को चलती सियाज कार में अचानक आग लगने से चाचा-भतीजा झुलस गए। दोनों दिल्ली के भजनपुरा से अंदावली गांव में अपने रिश्तेदार के घर जा रहे थे। आग लगने के बाद कार से बाहर निकलने के दौरान दोनों के हाथ और कमर झुलस गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग गई।
विज्ञापन



 

दिल्ली के भजनपुरा निवासी सुरेंद्र अपने भतीजे सार्थक के साथ सियाज कार से इंचौली थाना क्षेत्र के अंदावली गांव जा रहे थे। सार्थक के मामा अंदावली गांव में रहते हैं। बताया गया कि लावड़ रोड पर काली नदी पार करते ही अझौता मोड़ के पास अचानक कार में आग लग गई। कार में आग लगी देखकर दोनों ने बाहर निकलने का प्रयास किया। इस दौरान दोनों झुलस गए।
 

पुलिस मौके पर पहुंची और फायर ब्रिगेड को सूचना दी। कुछ ही देर में दमकल की टीम मौके पर पहुंची और कार में लगी आग पर काबू पाया। आग की लपटें देखकर मार्ग से गुजर रहे वाहन चालक भी रुक गए। इससे सड़क पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई। आग बुझने के बाद पुलिस ने क्षतिग्रस्त कार को सड़क से हटवाकर यातायात सुचारू कराया। 
 

पुलिस ने झुलसे सुरेंद्र और सार्थक को सिवाया टोल प्लाजा स्थित अस्पताल में भर्ती कराया। प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने दोनों को मोदीपुरम स्थित एसडीएस अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। सीओ दौराला शिव ठाकुर ने बताया कि कार में आग लगने के कारणों का पता लगाया जा रहा है। 
 
विज्ञापन

ई-रिक्शा चालक ने कराया अस्पताल में भर्ती
अझौता मोड़ पर कार में आग लगने से झुलसे चाचा-भतीजे सुरेंद्र और सार्थक के लिए एक अज्ञात ई-रिक्शा चालक फरिश्ता बनकर आया। दोनों कार से निकलने के बाद बेहोश हो गए थे। होश आया तो खुद को अस्पताल में पाया, लेकिन उन्हें अस्पताल पहुंचाने वाले उस शख्स का नाम मालूम नहीं था। सार्थक ने बताया कि बेहोश होने से पहले उन्होंने एक ई-रिक्शा चालक को वहां रुकते और उन्हें झुलसी हालत में अपने ई-रिक्शा में बैठाते देखा था। इसके बाद उन्हें कुछ याद नहीं। 

ये भी देखें...
मेरठ: दो बाइकों पर हरिद्वार घूमने जा रहे थे छह दोस्त, गंगनहर कांवड़ पटरी मार्ग पर दुर्घटना में एक की मौत

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें