पुलिसकर्मियों के साथ आम लोगों को भी मिलेगा लाभ
केंद्र का लाभ केवल पुलिसकर्मियों तक सीमित नहीं रहेगा। आम नागरिक भी यहां कैंसर की जांच करा सकेंगे। जांच के बाद जरूरत के अनुसार जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों से समन्वय कर मरीजों को आगे का उपचार उपलब्ध कराया जाएगा।
एम्स और झज्जर के विशेषज्ञ देंगे टेली कंसल्टेशन
जांच में कैंसर की पुष्टि होने पर एम्स नई दिल्ली और झज्जर के विशेषज्ञों से टेली कंसल्टेशन के जरिए परामर्श दिलाया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर मरीजों को संबंधित विशेषज्ञ संस्थानों में रेफर भी किया जाएगा। इससे कैंसर मरीजों को उपचार की अगली प्रक्रिया तय करने में सुविधा मिलेगी।
इन कैंसर की होगी स्क्रीनिंग
केंद्र में कई प्रकार के कैंसर की जांच की सुविधा प्रस्तावित है। इसमें मुंह का कैंसर, स्तन कैंसर, सर्वाइकल कैंसर, हड्डियों का कैंसर और प्रोस्टेट कैंसर समेत अन्य जांच शामिल रहेंगी।
मरीजों का डिजिटल रिकॉर्ड रखा जाएगा
केंद्र में जांच कराने वाले सभी मरीजों का रिकॉर्ड डिजिटल तरीके से सुरक्षित रखने की व्यवस्था होगी। इससे मरीज की जांच और उपचार से जुड़ी जानकारी को आगे भी आसानी से उपयोग किया जा सकेगा।
स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती का प्रस्ताव
केंद्र में एक पुरुष स्टाफ नर्स, दो महिला स्टाफ नर्स, एक एक्सरे टेक्नीशियन और एक लैब टेक्नीशियन की विशेष तैनाती का प्रस्ताव है। इससे जांच प्रक्रिया को बेहतर तरीके से संचालित किया जा सकेगा।
1965 से लोगों को मिल रही स्वास्थ्य सुविधा
राज्यसभा सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने बताया कि पुलिस लाइन में स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना वर्ष 1965 में हुई थी। तब से यहां पुलिस कर्मचारियों के साथ आम लोगों को भी स्वास्थ्य सुविधा दी जा रही है। अब कैंसर स्क्रीनिंग सेंटर बनने से स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार होगा।