बाद में आरोपी थाने पहुंचा। उसकी गाड़ी का शीशा टूटा था। घंटों तक वह पुलिस को गुमराह करता रहा। पुलिस ने जब सुशांत से पूछा कि तुमने सचिन को सीएनजी पेट्रोल पंप पर क्यों बुलाया था। दोनों में क्या बात हुई। थोडी सख्ती पुलिस ने की, तब जाकर उसने सचिन की हत्या करना कबूल लिया। इसका पता चलते ही एसपी सिटी और सीओ दौराला भी पहुंचे। आरोपी की निशानदेही पर सचिन का शव बरामद किया गया। घटना के खुलासे से पहले परिजनों ने पल्लवपुरम थाने पर हंगामा भी किया था। परिजनों की पुलिस से नोकझोंक भी हुई।
एक लाख रुपये देकर भी गई जान
फाइनेंसर सचिन ने अपने दोस्त सुशांत को एक लाख रुपये दिए थे। सचिन अपने पैसे की मांग कर रहा था। यह पैसे न देने पड़े, इसलिए सुशांत ने सचिन की चाकू से वारकर हत्या कर दी और शव को जंगल में पेट्रोल डालकर जला दिया। शव बरामद करने के बाद पुलिस नेआरोपी से चाकू, बोतल और माचिस सहित अन्य सामान बरामद की।
वर्दी में थाने पहुंचा आरोपी का पिता
पुलिस ने जब आरोपी को हिरासत में ले लिया था। आरोपी का पिता नरेश भी वर्दी में थाने पर पहुंचा। बेटे से मिलने का प्रयास किया, लेकिन वहां पहले से ही डोरली गांव के युवक हंगामा कर रहे थे और गुस्से में थे। युवकों ने आरोपी के पिता को मिलने नहीं दिया और थाने के गेट पर ही धक्के मारकर भगा दिया। युवकों ने गुस्से में अपशब्द भी कहे।
पुलिस के प्राथमिक जांच में सामने आया है कि लेनदेन में सचिन प्रजापति की हत्या हुई है। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने उसका शव बरामद किया है। मुख्य आरोपी गिरफ्तार कर लिया है। - विनीत भटनागर, एसपी सिटी