रविवार को समाचार पत्रों में खबर प्रकाशित होने के बाद इंजीनियर आकाश अग्रवाल भी सामने आ गए। आकाश अग्रवाल ने बताया कि आशीष बंसल ने जून 2018 में अपने 700 वर्ग गज में बने 25 वर्ष पुराने मकान की नए सिरे से मरम्मत और साज सज्जा का ठेका दिया था। जिसमें उन्होंने आकाश को 65 से 75 लाख रुपये की लागत आने की बात कही थी।
आशीष के कहने पर उन्होंने काम शुरू कर दिया। लेकिन बीच में ही आशीष ने भुगतान रोक दिया, जबकि इस समय आशीष पर 10.50 लाख रुपये बकाया है। आकाश ने इस रुपये के लेनदेन संबंधी व्हाट्स एप पर हुई बातचीत के तमाम मेसेज भी मीडिया को दिखाये।
आकाश ने आरोप लगाया कि पिछले दिनों जब उन्होंने ज्यादा दबाव बनाया तो आशीष बंसल ने कुख्यात बदन सिंह बद्दो के साथी रहे एक चर्चित शख्स से उन्हें धमकी भी दिलाई। आकाश अग्रवाल ने इस संबंध में आईजी आलोक सिंह से मुलाकात कर न केवल अपना पक्ष रखा बल्कि पूरे मामले पर डीजीपी को भी पत्र लिखा है।
हत्या में जेल जा चुका आशीष
आकाश अग्रवाल का आरोप है कि आशीष पर जनवरी 2019 में शगुन जैन नामक व्यक्ति की हत्या का आरोप लगा, जिसमें वह हल्द्वानी जेल गया था। जिसके बाद पैसा नहीं मिला तो काम बंद करा दिया। अप्रैल में जेल से बाहर आया तो हमने उससे पैसे मांगे तो वह धमकाने लगा।
जांच के बाद होगी कार्रवाई
आकाश अग्रवाल मुझसे मिले थे, जिस पर मैंने एसएसपी को गंभीरता से जांच कर कार्रवाई के लिए कहा है। -आलोक सिंह, आईजी रेंज।
रंगदारी नहीं लेनदेन का विवाद
पता चला है कि व्यापारी आशीष बंसल पूर्व में हत्या के आरोप में उत्तराखंड जेल जा चुका है। यदि असलाह लाइसेंसी हैं तो उसके निरस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कराई जाएगी। इस मामले में रंगदारी का मामला नहीं बल्कि दोनों पक्षों के लेनदेन का मामला है। -अखिलेश नारायण सिंह, एसपी सिटी
धमकी का प्रकरण स्पष्ट नहीं
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर आशीष बंसल की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई है। इस मामले में जांच की जा रही है। अभी तक जांच में मामला रुपयों के लेनदेन का सामने आ रहा है। इसमें धमकी का प्रकरण स्पष्ट नहीं हो पाया है। -प्रशांत मिश्र, इंस्पेक्टर मेडिकल