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Meerut: कारोबारी को 15 दिन बंधक बनाया, शातिराना अंदाज में कर ली पांच करोड़ की ठगी और कारोबारी को ही फंसा दिया

Wed, 16 Oct 2024 11:02 PM IST
मोहम्मद मुस्तकीम अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ

सार

माधवपुरम निवासी गौरव जैन ने बताया कि उन्होंने ट्रस्ट बनाया हुआ है। इसमें डीएलएफ अंकुर विहार लोनी गाजियाबाद निवासी सैय्यद आबिद मलिक को चार्टर्ड अकाउंटेंट नियुक्त किया था। उसी ने कुछ लोगों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया।
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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ब्रह्मपुरी क्षेत्र के माधवपुरम निवासी फाइनेंस कारोबारी गौरव जैन को पांच आरोपियों ने 15 दिन दिल्ली, जयपुर और जोधपुर में बंधक बनाए रखा। खाने में नशीला पदार्थ देकर ट्रस्ट के सभी दस्तावेज कब्जे में ले लिए। इसके बाद आम लोगों से ट्रस्ट में निवेश कराकर पांच करोड़ की ठगी कर ली। गौतमबुद्ध नगर पुलिस के जांच के लिए पहुंचने पर कारोबारी ने अपने चार्टर्ड अकाउंटेंट समेत पांच के खिलाफ कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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एसीजेएम कोर्ट संख्या-7 में दिए प्रार्थना पत्र में माधवपुरम निवासी गौरव जैन ने बताया कि उनकी श्रीश्यामजी के नाम से फाइनेंशियल कंपनी है। उन्होंने श्रीखाटू श्याम मित्र मंडल ट्रस्ट भी बनाया हुआ है। इसमें डीएलएफ अंकुर विहार लोनी गाजियाबाद निवासी सैय्यद आबिद मलिक को चार्टर्ड अकाउंटेंट नियुक्त किया हुआ था। आबिद मलिक ने ही ट्रस्ट बनवाया था। आबिद मलिक ही ट्रस्ट की आईटीआर भरता था। उसने भरोसे का लाभ उठाते हुए षडयंत्र के तहत ट्रस्ट के विस्तार की बात की।
 

इसके लिए अरुण निवासी अमरोहा, गोविंद सिंह, हरेंद्र जाखड़ और महेंद्र चौधरी निवासी जोधपुर से मिलवाया। इन पांचों ने सात फरवरी 2024 को गौरव जैन को दिल्ली बुलाया। वहां से अगले दिन जयपुर ले गए। यहां मन मंदिर भवन में 18 फरवरी तक ठहराए रखा। आरोपियों ने खाने में नशीला पदार्थ मिलाकर खिलाया। जिससे वह अक्सर नींद में रहता था। 19 फरवरी को आरोपी सफेद रंग की स्कार्पियो में आरोग्य भवन जोधपुर ले गए।
 

उसके ट्रस्ट के सभी दस्तावेज, दोनों बैंक खातों के एटीएम, चेकबुक, नेट बैंकिंग आईडी व पासवर्ड, ई-मेल आईडी व पासवर्ड, मोबाइल के दोनों सिम आदि जबरदस्ती छीन लिए। बिना रोशनदान वाले कमरे में पीड़ित को बंद कर दिया। दस्तावेजों का फर्जी तरीके से इस्तेमाल करते हुए इन लोगों ने आम जनता से ट्रस्ट में निवेश कराना शुरू कर दिया। धीरे-धीरे लोग ट्रस्ट से जुड़कर निवेश करने लगे। इन लोगों ने आईएमपीएस के माध्यम से ट्रस्ट के एकाउंट से रुपये निकालने शुरू कर दिए।

21 फरवरी को पीड़ित किसी तरह आरोपियों को चकमा देकर घर आ गए। थाने में शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। 10 अगस्त को गौतमबुद्धनगर से साइबर क्राइम थाने की पुलिस उनके घर आई। तब वह घर पर नहीं थे। पुलिस ने उनके परिजनों को बताया कि गौरव जैन की ट्रस्ट के एकाउंट से करीब पांच करोड़ रुपये की ठगी आम जनता से की गई है। गौरव जैन को गौतमबुद्धनगर से साइबर क्राइम थाने भेज देना।
 
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पीड़ित का कहना है कि अब कई थानों की पुलिस परेशान कर रही है। वह 25 वर्ग मीटर के मकान में अपने दो छोटे-छोटे बच्चों व पत्नी के साथ रहता है। न्याय न मिलने की स्थिति में उसके परिवार के पास आत्महत्या करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। कोर्ट ने ब्रह्मपुरी पुलिस को रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए थे।
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