रुड़की रोड डौरली निवासी विकास तोमर ने अंसल ग्रुप के चेयरमैन, एमडी और सीएफओ समेत 12 लोगों के खिलाफ कोर्ट के आदेश पर परतापुर थाने में धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई है। आरोप है कि इन सभी ने सुशांत सिटी में प्लॉट बेचने के नाम पर 66.36 लाख रुपये हड़प लिए।
विकास तोमर ने एसीजेएम कोर्ट-6 में दिए प्रार्थना पत्र में बताया था कि उन्होंने अंसल सुशांत सिटी परतापुर में एक प्लाट बी-9, सेक्टर 3 में खरीदा था। उस दिन अंसल कंपनी के दिल्ली निवासी चेयरमैन प्रणव अंसल, परतापुर निवासी एमडी दीपक मवर, सीएफओ प्रशांत कुमार, जीएम अजय पाल शर्मा, अकाउंट हेड नरेश यादव, अध्यक्ष योगेश गाबा, निदेशक गौरव डालमिया और संजीव मल्होत्रा, दिल्ली निवासी लीगल हेड इंद्रप्रीत सिंह, पांडव नगर निवासी जयप्रकाश प्रेम देव और उनकी पत्नी कमला वर्मा मौजूद थे।
इन लोगों ने कहा कि यह प्लाट काफी अच्छा है। हम किसी दूसरे व्यक्ति से लेकर आपको दे रहे हैं। आप हमें ही इसका पैसा देना। हम ही प्लाट की रजिस्ट्री करेंगे। इन लोगों ने यह भी बताया कि प्लाट हर प्रकार के ऋण और भार से मुक्त है। 400 वर्गमीटर का प्लॉट खरीदने का सौदा 66.36 लाख रुपये में तय हो गया। उन्होंने 22 दिसंबर 2022 को 26.45 लाख रुपये के दो डिमांड ड्राफ्ट जयप्रकाश प्रेमदेव और कमला वर्मा को अलग-अलग दिए। दोनों ने अपने बैंक खाते में रुपये प्राप्त कर लिए।
30 दिसंबर 2022 को उन्होंने 5.50 लाख रुपये दो अलग-अलग आरटीजीएस के माध्यम से जयप्रकाश और कमला देवी के खाते में ट्रांसफर किए। 66,000 रुपये का टैक्स जमा किया। 2 जनवरी 2023 को 39,820 रुपये का चेक जयप्रकाश प्रेमदेव और इतनी ही धनराशि का चेक कमला वर्मा को दिया। 66.36 लाख रुपये देने के बाद उन्होंने प्लॉट की रजिस्ट्री करने को कहा तो इन लोगों ने एक पत्र 10 नवंबर 2023 का अपने लेटर पैड पर लिखकर दिया कि रकम हमें मिल गई है। जल्द ही कागजी कार्रवाई करके रजिस्ट्री कर देंगे। कई माह बीतने के बाद भी इन्होंने रजिस्ट्री नहीं की। बैंक से एनओसी प्राप्त करके देने को कहा था, इन लोगों ने वह भी नहीं दी।
आरोप है इन लोगों ने फर्जी कागजात तैयार करके षडयंत्र के तहत 66.36 लाख रुपये धोखे से हड़प लिए। 4 अप्रैल 2024 को वह अंसल सुशांत सिटी पहुंचे तो ये सभी लोग मिले। बदतमीजी करते हुए इन्होंने जान से मारने की धमकी देते हुए आफिस से धक्के देकर भगा दिया। पैसा लौटाने और रजिस्ट्री करने से भी साफ इन्कार कर दिया। आरोप है कि इन लोगों ने कई अन्य लोगों को फर्जी तरीके से जमीन बेचकर पैसे हड़प लिए हैं। पहले भी इनके खिलाफ एफआईआर हो चुकी हैं।
जांच रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी कार्रवाई
कोर्ट ने परतापुर पुलिस को रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच करने का आदेश दिया था। रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. विपिन ताड़ा, एसएसपी