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Meerut Building Collapse: मासूम को आगोश में लेकर मौत से लड़ी ममता, मां के आंचल में लिपटी मिली 5 साल की हिमशा

Mon, 16 Sep 2024 05:35 AM IST
Vikas Kumar संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ

सार

बचाव दल के मलबा हटाने के दौरान नईम की पत्नी अलीशा के आगोश में उनकी छह माह की मासूम बच्ची हिमशा उर्फ रिमशा लिपटी मिली। 
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मां के आंचल में लिपटी मिली हिमशा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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तीन मंजिला मकान के मलबे से जिंदगी के लिए मौत से जंग के कई निशान मिले हैं। इनमें एक दृश्य झकझोरने वाला था। रविवार सुबह बचाव दल के मलबा हटाने के दौरान नईम की पत्नी अलीशा के आगोश में उनकी छह माह की मासूम बच्ची हिमशा उर्फ रिमशा लिपटी मिली। यह दृश्य देखकर लोग यह कहते दिखे कि अलीशा ने मलबे में भी मासूम बच्ची को बचाने के लिए जिंदगी की जंग लड़ी है। मकान गिरते समय अलीशा ने बेटी को बचाने का प्रयास किया होगा, लेकिन हादसे में मां-बेटी की जान चली गई।

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मकान के द्वितीय तल पर शनिवार शाम एक कमरे में साजिद, उसकी पत्नी सायमा, बेटी सानिया और रिजा व बेटा साकिब और रिश्तेदार का बेटा सूफियान थे। दूसरे कमरे में घर की मुखिया नफ्फो थी। प्रथम तल पर एक कमरे में अलीशा पुत्री हिमशा के साथ थी। जबकि दूसरे कमरे में नदीम की पत्नी फरहाना और उसके भाई की पुत्री आलिया थी। तभी अचानक तेज धमाके के साथ मकान गिरकर मलबे के ढेर में तब्दील हो गया। धूल का गुबार काफी ऊंचाई तक दिखाई देने लगा।
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कुछ देर तक तो आसपास के लोग कुछ समझ ही नहीं पाए। धूल छंटी तो मलबे का ढेर देख शोर मच गया। लोग पुलिस को सूचना देकर मलबा हटाने में जुट गए। कुछ देर बाद पुलिस और दमकलकर्मी मौके पर पहुंच गए। नगर निगम की टीम को भी बुलाया गया। गाजियाबाद से एनडीआरएफ और सहारनपुर व अमरोहा से एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। आठ लोगों को मलबे के ढेर से निकाला गया। इनमें से छह की मौत हो चुकी थी। सायमा और सूफियान अस्पताल में भर्ती हैं। रविवार सुबह फरहाना, आलिया, अलीशा और हिमशा के शव निकाले गए। तब भी मासूम हिमशा अपनी मां के आगोश में लिपटी थी। बचाव कार्य में जुटी टीम भी कुछ पल के लिए इस दृश्य को देखने पर विवश हुई।

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