मकान गिरने पर दूध व्यापारी नफ्फो उर्फ नफीसा, उसका बेटा साजिद सहित दस लोगों की मौत का मामला लखनऊ तक पहुंच गया है। जिला प्रशासन, विकास प्राधिकरण, नगर निगम और पीडब्ल्यूडी के अधिकारी भी पुलिस फोर्स, बचाव दल के साथ रेस्क्यू में लगे हैं। मकान कैसे गिरा, इसकी अधिकारियों ने जांच शुरू कर दी है। 300 गज में तीन मंजिल मकान की नींव बहुत कमजोर थी। 50 साल पुराने मकान के भूतल में पशुओं की डेयरी थी। उनकी गंदगी दीवारों में जा रही थी और चार दिन से हो रही बारिश से बुनियाद खोखली हो गई थी।
घनी आबादी में ऐसे कितने मकान हैं, इसकी पड़ताल शुरू हो गई है। स्थानीय पार्षदों के 12 मकानों की सूची देने के बाद इन्हें जमींदोज करने के लिए नगर निगम के अधिकारियों से कहा गया। निगम ने पीडब्ल्यूडी से जांच रिपोर्ट मांगी। श्यामनगर होटल वाली गली में हनीफ अपने परिवार के साथ मकान में रहते हैं। इसे खाली कराने की रिपोर्ट मिलने पर लिसाड़ीगेट पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने मकान को खाली कराया, जिससे नगर निगम इन्हें गिराने की कार्रवाई करेगा।
इसके अलावा अन्य मकानों को भी पीडब्ल्यूडी की जांच रिपोर्ट के बाद खाली कराकर जमींदोज करने की कार्रवाई नगर निगम करेगा। प्रभारी नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. हरपाल सिंह ने बताया है कि निगम की टीम जाकिर कॉलोनी में नफीसा के मकान का मलबा हटाने में लगी है। मकान का कुछ हिस्सा तोड़ना था, उसकी भी पीडब्ल्यूडी से रिपोर्ट लेकर काम किया गया।