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यूपी: रेस की तैयारी, खूब हो रही भैंसों की खातिरदारी, खुराक जानकर रह जाएंगे हैरान

Mon, 12 Nov 2018 11:34 AM IST
राजदीप जाखड़, अमर उजाला, मेरठ
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मेरठ न्यूज
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कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा स्नान की तैयारी जोरों पर चल रही है। भैंसा बुग्गी के साथ गढ़मुक्तेश्वर जाने वाले किसानों ने रेस में अपने भैंसों की जीत सुनिश्चित करने के लिए पूरी ताकत झोंक रखी है। इसके लिए किसान भैंसों को दूध, बादाम, सेब और मुरब्बा से लेकर मुनक्का तक खिला रहे हैं। किसानों का कहना है कि भैंसे की एक दिन की डाइट पर 1200 रुपये से ज्यादा खर्च हो रहे हैं। इसके अलावा उनकी वर्जिश भी कराई जा रही है। 

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पूरे साल खेती को देने के बाद मनोरंजन के लिए जनपद के किसान हर साल कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा स्नान करने के लिए गढ़मुक्तेश्वर और मखदूमपुर जाते हैं। करीब एक सप्ताह तक गंगा घाट पर सैकड़ों अस्थायी गांव बस जाते हैं।

गंगा स्नान के लिए किसान अपने भैंसों और ट्रैक्टरों के जरिये जाते हैं। बढ़ती आमदनी से भैंसों की बजाय ट्रैक्टरों से जाने वालों की संख्या तो बढ़ी है, लेकिन शौकीन किसान ट्रैक्टर के साथ भैंसा-बुग्गी भी लेकर जाते हैं। 

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एक साल पहले से शुरू हो जाती है तैयारी 
भैंसा बुग्गी से जाने वाले किसान एक साल पहले से ही इसकी तैयारी शुरू कर देते हैं। भैंसा रेस करने वाले किसान न केवल 80 हजार से लेकर एक लाख तक के भैंसे खरीदते हैं, बल्कि इनको तैयार करने के लिए लाखों रुपये खुराक पर खर्च कर देते हैं। उसके बाद इन्हें मैदान में उतारा जाता है।  

बनवाई जा रहीं स्पेशल फिरक 
गन्ना स्नान पर जाने वाली परंपरागत बुग्गी की जगह अब छोटी और बेहद हल्की बुग्गी (फिरक) ने ले ली है। इसे और ज्यादा हल्की कराने के लिए किसान हल्की लकड़ी या लोहे के हल्के पाइपों से बनवाते हैं। बैठने वाले स्थान पर लकड़ी के तख्तों की बजाय नाइलान रस्सी या सूती निवाड पट्टी से बुनवाया जाता है ताकि फिरक का वजन हल्का रहे। 

इनके भैंसों पर है नजर 
गंगा स्नान 23 नवंबर को है। किसान 14 नवंबर से ही गढ़मुक्तेश्वर जाना शुरू कर देंगे। जनपद में काफी किसान भैंसों के शौकीन हैं। लेकिन इनमें कुछ किसान ऐसे हैं जिनके भैंसों पर सबकी नजर होती है। राजन किठौली, पवन टीकरी, सूरज दबथुआ, शक्ति दबथुआ, झाती मास्टर दबथुआ, बॉबी रजपुरा, कोटिल चिंदौड़ी और नितिन छिलौरा के भैंसे शानदार हैं। 
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हर दिन की खुराक का खर्च 1200 रुपये 
आटा चिंदौड़ी गांव निवासी किसान मनीशरण भैंसा बुग्गी से गंगा स्नान जाने के शौकीन है। मनीशरण ने बताया कि भैंसों को अव्वल बनाने के लिए दूध, बादाम, मुनक्का, लीवर टॉनिक, आंवला और बांस का मुरब्बा, देशी घी के अलावा खल, चोकर और बिनौला दिया जाता है। एक दिन की खुराक 1200 रुपये से ज्यादा पड़ती है। 

ये है भैंसों का डाइट प्लान

सुबह की खुराक 

दूध    3 लीटर
बादाम    150 गिरी
लीवर टॉनिक 50 एमएल
चना    2 किलो
बिनौला साबुत 1 किलो

दोपहर की खुराक 
आंवला मुरब्बा   10 पीस 
सेब मुरब्बा         2 पीस
अंजीर चटनी    250 ग्राम

रात की खुराक 
दूध विद गुलकंद 3 लीटर
देशी घी         300 ग्राम
दलिया        5 किलो

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