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मेरठ: पुराने वाहन उठाने के विरोध में भाकियू का आरटीओ कार्यालय घेराव, एआरटीओ को धरने के बीच बैठाया

Mon, 28 Sep 2026 05:20 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

मेरठ में पुराने वाहनों को उठाए जाने के विरोध में भाकियू नेताओं और कार्यकर्ताओं ने आरटीओ कार्यालय का घेराव किया। किसान ट्रैक्टर लेकर परिसर में पहुंचे और एआरटीओ को धरने के बीच बैठाकर अपनी मांगें रखीं।
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भाकियू का आरटीओ कार्यालय पर प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मेरठ में पुराने वाहनों को उठाए जाने के विरोध में भारतीय किसान यूनियन के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने आरटीओ कार्यालय का घेराव किया। किसान पुराने और नए ट्रैक्टर लेकर आरटीओ परिसर में पहुंचे और धरने पर बैठ गए। इस दौरान किसानों ने एआरटीओ को भी धरने के बीच बैठाकर अधिकारियों के सामने अपनी नाराजगी जाहिर की।

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ट्रैक्टर लेकर आरटीओ परिसर पहुंचे किसान
भाकियू कार्यकर्ता पुराने और नए ट्रैक्टरों के साथ आरटीओ कार्यालय पहुंचे। किसानों ने परिसर में ही धरना शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने पुराने वाहनों को उठाए जाने की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे वापस लेने की मांग रखी।

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‘पहले सरकारी विभागों के पुराने वाहन जब्त करो’
किसानों ने कहा कि यदि पुराने वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है तो पहले सरकारी विभागों में चल रहे पुराने वाहनों को जब्त किया जाना चाहिए। उनका कहना था कि सरकारी वाहनों पर कार्रवाई के बाद ही किसानों के वाहनों की ओर देखा जाए।

एआरटीओ को धरने के बीच बैठाया
प्रदर्शन के दौरान भाकियू कार्यकर्ताओं ने एआरटीओ को अपने बीच धरने में बैठा लिया। किसानों ने अधिकारियों के सामने अपनी समस्याएं रखीं और पुराने वाहनों को उठाने की कार्रवाई को लेकर जवाब मांगा।
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जिला अध्यक्ष ने अधिकारियों को चेताया
भाकियू जिला अध्यक्ष अनुराग चौधरी ने आरटीओ अधिकारियों से सवाल किया कि घर से वाहन उठाने का आदेश किसने दिया और निजी गार्ड लेकर चलने की अनुमति किसने दी। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि किसानों के साथ इस तरह की कार्रवाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

‘किसी की मां की मौत हो और सामान उठा लिया जाए तो कैसा लगेगा’
प्रदर्शन के दौरान भाकियू नेताओं ने तीखे अंदाज में अधिकारियों के सामने अपनी बात रखी। एक वक्ता ने कहा कि जिस परिवार में मां की मौत हुई हो, उस समय घर के बाहर से गाड़ी उठा ली जाए तो परिवार पर क्या गुजरती है, यह समझना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि अगर ऐसी स्थिति उनके अपने परिवार में हो और किसी का सामान उठा लिया जाए तो उन्हें कैसा लगेगा।
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