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Meerut: यूजीसी नियमों के विरोध में सरधना में भाकियू क्रांतिकारी का प्रदर्शन, दे डाली महापंचायत की चेतावनी

Wed, 28 Jan 2026 02:32 PM IST
डिंपल सिरोही न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

सरधना में भारतीय किसान यूनियन (क्रांतिकारी) ने यूजीसी कानून के विरोध में प्रदर्शन किया। संगठन ने कानून वापस नहीं लेने पर महापंचायत आयोजित करने की चेतावनी दी।

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यूजीसी नियमों का विरोध - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सरधना में भारतीय किसान यूनियन (क्रांतिकारी गुट) के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव राणा के नेतृत्व में यूजीसी कानून के विरोध में प्रस्तावित आंदोलन कार्यक्रम में प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद बदलाव करना पड़ा।

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संगठन की ओर से चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से जुलूस निकालकर कमिश्नरी चौराहा पहुंचकर ज्ञापन सौंपने की योजना थी, लेकिन सोमवार सुबह पुलिस व प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर वार्ता की, जिसके बाद विश्वविद्यालय जाने का कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया।

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सलावा बाजार से बस अड्डे तक निकाला पैदल मार्च
इसके बाद संगठन कार्यकर्ताओं और राजपूत समाज के लोगों ने गांव सलावा के मुख्य बाजार से बस अड्डे तक पैदल मार्च निकाला। इस दौरान यूजीसी कानून को 'काला कानून' बताते हुए जमकर नारेबाजी की गई।

तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन, सरकार को चेतावनी
प्रदर्शनकारियों ने मौके पर मौजूद तहसीलदार ज्योति सिंह को ज्ञापन सौंपते हुए कानून को तत्काल वापस लेने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी गई कि यदि केंद्र सरकार ने यूजीसी कानून को निरस्त नहीं किया तो आगे चलकर महापंचायत का आयोजन किया जाएगा।

पहले भी हुआ पुतला दहन
इससे पूर्व सोमवार को ही सलावा में केंद्र सरकार और यूजीसी कानून के विरोध में पुतला दहन भी किया गया था। इस दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव राणा ने लोगों को शपथ दिलाई कि यूजीसी कानून वापस लिए जाने तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को वोट नहीं दिया जाएगा।
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