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पड़ताल: जरा संभलकर चलें, हापुड़ रोड पर खुले हैं मौत के गड्ढे, कोहरे में जा सकती है जान

Sat, 09 Dec 2023 04:52 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

मेरठ में सड़क के चौड़ीकरण का कार्य शुरू हुए 11 माह बीत चुके हैं लेकिन कई पुलिया खुली पड़ी हैं। ये खतरनाक गड्ढे राहगीरों की जान ले सकती हैं।
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हापुड़ रोड - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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सावधान, हापुड रोड पर संभलकर चलें, क्योंकि पुराना हापुड़ अड्डा चौराहा से बिजली बंबा पुलिस चौकी तक मार्ग को छह लेन करने के लिए बनायी जा रहीं पुलियां अधूरी ही नहीं बल्कि खुली पड़ी हैं। लोहे के सरिया तलवार बनकर लटक रही हैं। इन स्थानों पर संकेत चिह्न भी नहीं लगाए गए हैं। जो रात के अंधेरे में किसी की भी जान ले सकती हैं।

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सड़क के चौड़ीकरण का कार्य शुरू हुए 11 माह बीत चुके हैं। अभी तक सड़क व डिवाइडर तो दूर नाला निर्माण कार्य भी पूरा नहीं हो पाया है। धीमी गति से चल रहा कार्य जनता के लिए समस्या बना है। आए दिन मार्ग पर जाम रहता है। शुक्रवार को अमर उजाला टीम ने हापुड़ रोड पर खुले मौत के द्वार कैमरे में कैद किए और जनता की समस्या जानी।

केस नं. एक 
हापुड़ अड्डा चौराहा से कुछ ही दूर नौचंदी शंभुदास गेट के सामने बनायी गई पुलिया अधूरी पड़ी है। यह स्थान सबसे अधिक भीड़भाड़ वाला है। पुलिया के खुले हिस्से में कब कौन गिरकर जान गंवा दें कुछ नहीं पता।

केस नं. दो 
एल ब्लॉक तिराहा शास्त्रीनगर। यहां पर पुलिया बनायी गई है। तिराहा पर लाल बत्ती होने और चौराहों पर ई-रिक्शा का जमावड़ा होने के कारण वाहनों का अधिक दबाव रहता है। पुलिया के कुछ हिस्से को ढका जाने की बजाय खुला छोड़ दिया है।

हापुड़ रोड - फोटो : Amar Ujala
केस नं. तीन 
44वीं वाहनी के मुख्य गेट के पास कई माह पहले पुलिया बनायी गई। पुलिया का कार्य तो पूरा हो चुका है, लेकिन टूटे डिवाइडर के बीच लोहे के सरिया जनता को मौत की दावत दे रहे हैं। हाईवे पर मौत के गड्ढों को लेकर एनएचआई के अधिकारी और ठेकेदार गंभीर नहीं हैं।

ये बोली जनता 
हाईवे पर आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। हापुड़ मार्ग पर अधिक वाहन हैं। कोहरे से पहले पुलियों को ढका जाना चाहिए। - मांगेराम गुर्जर,
- मार्ग पर काफी समय से नाले व पुलियों का निर्माण चल रहा है। पूरा होने का नाम ही नहीं ले रहा है। -शादाब, निवासी कोतवाली।
- एक साल से सुन रहे हैं सड़क चौड़ी होगी। अभी तक पुलियां का ही ठीक से निर्माण नहीं हो पाया है। -हाजी इमरान, ट्रांसपोर्टर।
- एल ब्लॉक तिराहा पर खुली पुलिया में कई बार लोग गिर चुके हैं। कोहरे में लोगों की जान को खतरा है। -अमान अहमद, जाकिर कालोनी।
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हापुड़ रोड - फोटो : Amar Ujala
इनका यह है कहना 
अगर पुलिया खुली छोड़ी गई हैं, तो उनको ढकवाया जाएगा। संकेत चिंह भी लगवाए जाएंगे। पुलियों को खुला छोड़ना ठीक नहीं है। ठेकेदार को निर्देश जारी किए जाएंगे। - शैलेन्द्र सिंह, अधिशासी अभियंता, एनएचआई गाजियाबाद।
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