बेसिक शिक्षा अधिकारी आशा चौधरी को तीसरे नवरात्र पर अमर उजाला मेरठ का अतिथ संपादक बनाया गया। इस दाैरान उन्हाेंने कार्यालय में अखबार की प्रक्रिया को जाना और खबरों पर अपनी राय भी रखी।
तीसरे शारदीय नवरात्र पर अतिथि संपादक बनीं बेसिक शिक्षा अधिकारी आशा चौधरी ने खबरों पर अपना नजरिया बताया। उन्होंने कहा, उपदेश देने से अच्छा है कि हम खुद का व्यवहार बदलें। परिवार ही बच्चों की संस्कारशाला है। पर्यावरण संरक्षण की खबरों को बढ़ावा मिलना चाहिए। साइबर अपराध के शिकार आमजन से लेकर शिक्षित लोग भी हो रहे हैं। जागरूकता से ही अंकुश लगाया जा सकता है।
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उन्होंने सुझाव दिया कि सरकारी योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचानी चाहिए, ताकि पात्र उनका लाभ ले सकें। अखबार ही इसका माध्यम है। बच्चे अखबार जरूर पढ़ें, ताकि उनकी सकारात्मक सोच विकसित हो व शब्द कोष और अधिक बेहतर हो सके। माता-पिता शिक्षा के क्षेत्र में बेटियों को प्राथमिकता से रोजगारपरक कोर्स कराएं, ताकि वे स्वावलंबी और आत्मनिर्भर बन सकें।
चौधरी का कहना है कि भविष्य में ऑक्सीजन का संकट झेलना पड़ सकता है, इसलिए बेहतर होगा कि हम पर्यावरण संरक्षण के प्रति सचेत रहें। प्रकृति के साथ छेड़छाड़ न करें।
उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण सभी नागरिकों का दायित्व है और इसे सभी को पूरी निष्ठा के साथ निभाना चाहिए, तभी हम पर्यावरण का शुद्ध रख सकते हैं। हमारी जिम्मेदारी है हम सब जिम्मेदार नागरिक बनें। उनका कहना है खबरों में सकारात्मक पहलू होना जरूरी है।