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यूपी: एंटी करप्शन की टीम ने लिपिक और महिला को घूस लेते रंगे हाथ दबोचा, मुकदमा दर्ज

Wed, 13 Mar 2019 12:16 AM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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रिश्वत लेते लिपिक और महिला गिरफ्तार - फोटो : अमर उजाला
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एंटी करप्शन टीम ने मंगलवार को कचहरी परिसर स्थित कोषागार में छापा मारकर एक लिपिक और उसकी महिला सहयोगी को रंगे हाथ रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। आरोप है कि पेंशन स्थानांतरण की एवज में लिपिक ने छह हजार रुपए रिश्वत मांगी थी। दोनों आरोपियों के खिलाफ सिविल लाइन थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है। मामला यूपी के मेरठ शहर का है।

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एंटी करप्शन विभाग के प्रभारी डीएसपी/इंस्पेक्टर अरविंद कुमार शर्मा के अनुसार दो दिन पूर्व गंगानगर के ईशापुरम निवासी नवीन कुमार पुत्र स्व. सुखबीर सिंह ने उनसे संपर्क किया। नवीन ने बताया कि उनके पिता सिविल कोर्ट से वर्ष 2000 में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के रूप में सेवानिवृत्त हुए थे। 26 जनवरी को उनका देहांत हो गया था। उन्होंने पिता की पेंशन मां रामवती के नाम स्थानांतरित कराने के लिए अपने बेटे मनीष को मां के साथ कोषागार भेजा था। वहां पर पेंशन का काम देख रहे लिपिक संदीप सेन ने मनीष को यह कहकर लौटा दिया कि अपने पिता को भेजे, तब ही काम होगा। नवीन ने बताया कि वह कोषागार आकर संदीप से मिले। यहां संदीप ने कहा कि उनके पिता की पेंशन 9 हजार रुपए बनती है, लेकिन पहली पेंशन उन्हें खर्च करनी होगी। काफी देर बात के बाद सौदा छह हजार रुपए में तय हो गया। इसके बाद नवीन ने एंटी करप्शन विभाग से संपर्क किया।
 
रकम लेते ही धरा गया लिपिक
कार्रवाई के लिए प्रभारी डीएसपी/इंस्पेक्टर अरविंद कुमार शर्मा ने दो टीमें तैयार कीं। एक टीम का नेतृत्व इंस्पेक्टर अशोक शर्मा और दूसरी टीम का नेतृत्व इंस्पेक्टर चंद्रभान ने किया। नवीन को 500-500 के केमिकल लगे 12 नोट देकर कोषागार भेजा गया। कोषागार आकर नवीन ने संदीप को छह हजार रुपए थमा दिये। संदीप ने दो नोट नवीन को लौटाए और अपनी सहयोगी महिला कर्मचारी नीलम को देने के लिए कहा। जैसे ही महिला ने वह नोट पकड़े, टीम ने दोनों को पकड़ लिया।

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महिला का नहीं विभाग से संबंध
इंस्पेक्टर अशोक शर्मा के अनुसार टीम ने लिपिक संदीप के साथ जिस महिला नीलम को हिरासत में लिया, उसका विभाग से कोई लेना-देना नहीं है। दरअसल, संदीप ने खुद के सहयोग के लिए नीलम को रखा था। इस तरह के कामों का कुछ हिस्सा वह नीलम को देता था। इसके अलावा कुछ मानदेय भी उसने अपनी तरफ से निर्धारित किया हुआ था। हालांकि पूछताछ में नीलम कुछ भी नहीं बता पाई। यह भी सामने आया कि विभाग में इसी तरह कई अन्य लोगों को भी रखा गया है। यह बात अधिकारियों की जानकारी में भी है।
 
संदीप की विभाग में गहरी पैठ
सूत्र बताते हैं कि संदीप की विभाग में गहरी पैठ है। वह अक्सर लोगों को परेशान करता था। कई बार उसकी हरकत के कारण विभाग में हंगामा भी हुआ। अधिकारियों तक भी मामला पहुंचा, लेकिन उन्होंने डांट फटकार कर मामले को शांत कराने का ही काम किया। ऐसे में सवाल खड़ा होता है कि आखिर किस कारण अधिकारी संदीप के खिलाफ कभी कोई कार्रवाई नहीं कर सके। 

वर्जन:::
शिकायत के आधार पर कोषागार में कार्रवाई करते हुए एक लिपिक व उसकी महिला सहयोगी को रंगे हाथों पकड़ा गया। दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है। बुधवार को दोनों को कोर्ट में पेश किया जाएगा। - अरविंद कुमार शर्मा, प्रभारी डीएसपी/इंस्पेक्टर

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