सार
Meerut Air Pollution Update: एनसीआर में प्रदूषण लगातार खतरनाक स्तर पर बना हुआ है। मंगलवार को मेरठ का AQI 322 दर्ज किया गया, जिससे शहर लाल श्रेणी में पहुंच गया। स्मॉग और ठंड बढ़ने से लोगों को सांस लेने में दिक्कत और आंखों में जलन की समस्या बढ़ रही है।
एनसीआर में प्रदूषण की मार कम होती नहीं दिख रही है। प्रदूषण की बढ़ती मार के बीच मेरठ एनसीआर में मंगलवार को छठे नंबर पर रहा है। मेरठ का एक्यूआई 322 दर्ज किया गया। पिछले 24 घंटे में प्रदूषण में थोड़ी गिरावट आयी है, लेकिन अभी भी लाल श्रेणी में दर्ज है।
लाल श्रेणी में चल रहा मेरठ का प्रदूषण स्थानीय लोगों को भी परेशान कर रहा है। सांस लेने में दिक्कत हो रही है और आंखों में जलन बढ़ती जा रही है। मंगलवार को भी स्मॉग सुबह के समय ज्यादा दिखाई दी। स्मॉग का बढ़ता असर वातावरण को और प्रदूषित रहा है।
एनसीआर में मेरठ छठे नंबर पर रहा है। एक्यूआई 322 दर्ज किया गया। जबकि सबसे ज्यादा हापुड 385, दूसरे नोएडा 372, तीसरे पर ग्रेटर नोएडा 364,चौथे दिल्ली 351, पांचवे गाजियाबाद 346 और छठे पर मेरठ रहा है। पिछले 24 से 28 घंटे में मेरठ समेत आसपास के जिलों में प्रदूषण में कमी आयी है, लेकिन फिर भी लाल श्रेणी में है और खतरनाक स्थिती में ब ना हुआ है।
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बढ़ती जाएगी ठंड, पहाड़ों पर पड़ रही है बर्फबारी
पिछले दो दिन से अधिकतम तापमान 25 डिग्री के पास चल रहा है और न्यूनतम तापमान 9 डिग्री तक पहुंच गया है। पहाड़ों पर पिछले दो दिनों में बर्फबारी बढ़ी है। जिस कारण से मैदानी क्षेत्रों मेंं भी ठंड का दौर धीरे धीरे बढ़ता जा रहा है। बढ़ती ठंड के बीच मौसम सर्द हो रहा है। मंगलवार को दिन में धूप भी खिली हुई थी, लेकिन ठंड फिर भी असर दिखा रही है। चौधरी चरण सिंह विवि के मौसम वेधशाला पर दिन का अधिकतम तापमान 25२.3 डिग्री व रात का न्यूनतम तापमान 9.1 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड़ किया गया। कृषि विवि के मौसम वैज्ञानिक डॉ यूपी शाही का कहना है कि मैदानी क्षेत्रों में ठंड बढेगी और तापमान कम होगा। रात में भी सर्दी बढ़ती जा रही है।
वायु गुणवत्ता सूचकांक 100 से कम होना चाहिए
0-50 अच्छा माना जाता है
51-100 का मध्यम होता है।
100 से ऊपर होने पर हवा की गुणवत्ता अस्वस्थ होने लगती है, 101 से 150 की सीमा में संवेदनशील समूहों के लिए खराब हो जाती है
200 से 300 बहुत खराब होता है
301-400 खतरनाक'' होता है
401 से500 बहुत खतरनाक होता है, जिस पर सभी को बाहरी गतिविधियों से बचना चाहिए।
ये रहा प्रदूषण का हाल
बागपत 392
बुलंदशहर 321
मेरठ 322
दिल्ली 351
गाजियाबाद 346
हापुड 385
मुजफ्फरनगर 307
नोएडा 372
ग्रेटर नोएडा 364
पल्लवपुरम 322
जयभीमनगर 321
गंगानगर 314