फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Meerut: रैपिड के बाद मेट्रो को भी चलाएंगी महिलाएं, कैंपस प्लेसमेंट से किया जाएगा सेलेक्शन

Tue, 17 Sep 2024 12:49 AM IST
मोहम्मद मुस्तकीम अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ

सार

मेरठ में चलने वाली मेट्रो ट्रेन में महिलाएं चालक होंगी। एनसीआरटीसी महिला सशक्तीकरण की ओर कदम बढ़ाते हुए यह तैयारी कर रहा है। 
विज्ञापन
नमो भारत ट्रेन (रैपिड रेल) - फोटो : फाइल फोटो
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

नमो भारत रैपिड ट्रेन के बाद अब मेट्रो में भी महिलाएं चालक होंगी। एनसीआरटीसी महिला सशक्तीकरण की ओर कदम बढ़ाते हुए यह तैयारी कर रहा है। इसमें कैंपस प्लेसमेंट के जरिए चयनित छात्राओं को वर्चुअल ट्रेनिंग के बाद ट्रेन ऑपरेटर बनाया जाएगा।
विज्ञापन

 

नमो भारत रैपिड रेल का संचालन मेरठ साउथ स्टेशन तक हो चुका है और जल्द ही मेट्रो को भी चलाने की तैयारी है। मेरठ में दौड़ने वाली मेट्रो ट्रेन आधुनिक सुख सुविधाओं से युक्त है। तीन डिब्बों की कुल 15 ट्रेनें दौड़ेंगी, एक ट्रेन में 700 यात्री बैठ सकेंगे। सराय काले खां-मोदीपुरम तक रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) कॉरिडोर के ही ट्रैक पर अत्याधुनिक मेट्रो ट्रेन 120 किमी प्रति घंटे की गति से दौड़ेगी। इस ट्रैक पर 160 किमी प्रति घंटे की गति से नमो भारत ट्रेनें भी दौड़ेंगी। मेट्रो ट्रेनों का संचालन मेरठ शहर के 23 किमी हिस्से में 13 स्टेशनों पर किया जाएगा। 
 

वर्चुअल ट्रेन दौड़ाने के बाद दी जाती है कमान
रैपिड ट्रेन में महिला ही ट्रेन चालक है। ऐसे में मेट्रो में भी यही व्यवस्था करने की तैयारी है। एनसीआरटीसी अफसरों के मुताबिक ट्रेन आपरेटर पद के लिए चयन कैंपस सेलेक्शन से होता है। इसके बाद महिलाओं को तीन-चार महीने तक प्रशिक्षित किया जाता है। सिमुलेटर मशीन के माध्यम से वर्चुअल प्रशिक्षण होता है, जिसमें प्रशिक्षु एक कक्ष में बैठा होता है, लेकिन वह ऐसा अनुभव करता है कि वह वास्तविक रूप से ट्रेन का संचालन कर रहा हो। मोटर ड्राइविंग स्कूल में भी लोगों को इसी तरह से गाड़ी चलाना सिखाया जाता है।
विज्ञापन

दुहाई डिपो में चलती है वास्तविक ट्रेन
वर्चुअल ट्रेनिंग के बाद दुहाई डिपो में ट्रेन में कुछ सप्ताह वास्तविक ट्रेनिंग दी जाती है। एनसीआरटीसी के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पुनीत वत्स ने बताया कि प्रधानमंत्री ने नमो भारत ट्रेन के शुभारंभ के समय ही महिला सशक्तीकरण का संदेश दिया था। उसमें भी अधिकांश ट्रेन आपरेटर महिलाएं रखी गई थीं। मेरठ मेट्रो के लिए भी यह पहल की गई। इसके अलावा महिलाओं को स्वावलंबी और आत्मनिर्भर बनाने के लिए भी ट्रेनिंग प्रोग्राम लगातार किए जा रहे हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें