हर्रा गांव निवासी पूर्व प्रधान तैयब चौहान को 15 अक्तूबर को ब्रेन हेमरेज हुआ था। हालत बिगड़ने पर परिजनों ने उन्हें साकेत के निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। परिजनों का आरोप है कि बुधवार को अस्पताल प्रशासन ने पैसे जमा कराने को कहा। परिजनों ने जल्द पैसे देने की बात कही, लेकिन मरीज की हालत गंभीर होने के बावजूद अस्पताल ने आगे इलाज करने से मना कर दिया। बुधवार शाम को पूर्व प्रधान की मौत हो गई। मौत की जानकारी मिलते ही परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया।
परिजनों और ग्रामीणों ने की कार्रवाई की मांग
मौत की खबर मिलते ही हर्रा गांव और आसपास के क्षेत्रों से सैकड़ों ग्रामीण अस्पताल परिसर में जुट गए, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। ग्रामीणों ने जिम्मेदार डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। मौके पर पहुंचे रालोद विधायक गुलाम मोहम्मद ने पीड़ित परिवार और डॉक्टरों से पूरे मामले की जानकारी ली। सीओ सिविल लाइन दीक्षा भौरिया ने बताया कि फिलहाल इस मामले में कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। शिकायत मिलने पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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