तेल का टैंकर भी आ सकता था चपेट में
सुपरटेक के सामने सड़क से सटकर अधिकांश टैंकर, ट्रक और कंटेनर खड़े रहते हैं। जबकि यहीं पर सीओ ब्रहमपुरी का ऑफिस भी है। लेकिन पुलिस कभी इन वाहनों पर ध्यान नहीं देती। क्योंकि इन वाहनों से आने जाने वाले लोगों को परेशानी होती है, कई बार जाम की भी समस्या बनी रहती है। यदि सुपरटेक के सिक्योरिटी गार्ड कंटेनर के केबिन की आग नहीं बुझाते तो पास में खड़ा तेल का टैंकर भी चपेट में आ सकता था। टैंकर के पास में टैंकर का चालक और हेल्पर भी सोया हुआ था। जिसके बाद बड़ा नुकसान हो सकता था। बाद में तेल के टैंकर को भी चालक ने वहां से हटा दिया।
चंद मिनट आग न बुझती तो धू- धूकर जल जाता
कंटनेर में शार्ट सर्किट से आग लगना बताया गया है। यदि सुपरटेक के सिक्योरिटी गार्ड आग नहीं बुझाते या चंद मिनट की देरी हो जाती है तो पूरा कंटेनर आग की चपेट में आ जाता। कंटेनर में हुंडई की पांच गाड़ियां भी राख हो जाती। इन गाड़ियों को गढ़ रोड स्थित हुंडई के शोरूम में गाड़ियों को उतारा जाना था। वहीं ड्राइवर विक्रम ने यह भी बताया कि एक गाड़ी को कंटेनर से उतारकर शहर में शोरूम में ले जाया गया था। सुपरटेक के निवासियों का कहना है कि बार-बार कहने के बावजूद भी पुलिस इन पर कार्रवाई नहीं करती है। इनकी वजह से किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता है।
नो एंट्री के कारण खड़ा था कंटेनर
इंस्पेक्टर ब्रहमपुरी बृजेश शर्मा का कहना है कि शहर में सुबह सात बजे से रात्रि दस बजे तक भारी वाहनों की नो एंट्री रहती है। नो एंट्री के कारण कंटेनर शहर में प्रवेश नहीं कर सकता। इसी के चलते चालक ने कंटनेर को सुपरटेक के सामने खड़ा किया था। आग की सूचना पर पुलिस पहुंची थी, लेकिन तब तक आग बुझा ली गई थी।
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