त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉक्टर श्वेता विरमानी ने छात्राओं को त्वचा संबंधी समस्याओं के कारण और निवारण के बारे में विस्तार से बताया। दाद, खाज और खुजली होने की स्थिति में कपड़ों को परिजनों के कपड़ों से अलग धुलने, सप्ताह में एक बार गर्म पानी से धुलने, कपड़ों को उल्टा कर सुखाने, कपड़ों को उल्टा कर उनपर प्रेस करने तथा सही चिकित्सक की सलाह से इलाज कराने की सलाह दी। साथ ही उन्होंने छात्राओं को जंक फूड जैसे चाऊमीन, मोमोज, बर्गर, मंचूरियन, स्प्रिंग रोल से परहेज करने की सलाह दी। साथ ही मैदे से बनी चीजों का सेवन भी कम से कम करने को कहा। उन्होंने कोई भी समस्या होने पर बिना चिकित्सक की सलाह के कोई दवा नहीं लेने को भी कहा।
समस्या बताने को लगी छात्राओं की कतार
दोनों चिकित्सकों के व्याख्यान के बाद चिकित्सकों ने छात्राओं से उनकी समस्या पूछीं। पहले तो झिझक की वजह से छात्राएं बताने को तैयार नहीं थीं, मगर जब चिकित्सकों ने कहा कि छात्राएं एक-एक कर उनके पास आकर भी अपनी समस्या बता सकती हैं। इसके बाद दोनों चिकित्सकों के पास समस्याएं पूछने के लिए छात्राओं की कतार लग गई। दोनों चिकित्सकों ने एक-एक छात्रा की बात को गंभीरता से सुना और उसका समाधान छात्राओं को बताया। चिकित्सकों ने जरूरी जांच और दवाएं भी छात्राओं को लिखकर दीं।
अच्छा है प्रयास, स्कूल में आई चिकित्सक
- छात्रा नगमा कुरैशी ने चिकित्सक को त्वचा संबंधी समस्या बताई और चिकित्सक ने उन्हें उचित सलाह दी। नगमा कुरैशी ने कहा कि अपराजिता मुहिम बहुत अच्छी है।
- छात्रा कनक त्यागी ने कहा कि अपराजिता मुहिम की जितनी तारीफ की जाए, कम है। क्योंकि स्कूल में आकर चिकित्सकों ने स्वस्थ रहने को जागरूक किया।
- छात्रा आयुषी त्यागी, छात्रा श्रेया और छात्रा वंशिका ने अमर उजाला का धन्यवाद किया। उन्होंने बताया कि महिलाओं को जागरूक करने के साथ ही समस्याओं का समाधान कराने के लिए अपराजिता अभियान सराहनीय है।
हीमोग्लोबिन जांच के लिए कैंप लगाने की सलाह
डॉक्टर नैना मिगलानी ने बताया कि मासिक धर्म और सही डाइट नहीं होने की वजह से ज्यादातर लड़कियों में खून की कमी रहती है। ऐसे में जरूरी है कि लड़कियों के हीमोग्लोबिन की समय-समय पर जांच होती रहे। उन्होंने बताया कि खून की कमी रहने से लड़कियों को अनेक समस्याएं रहती हैं, जिसकी वजह से कई बार वह पढ़ाई में भी ठीक से ध्यान नहीं लगा पाती हैं। उन्होंने स्कूल प्रधानाचार्य को अपने यहां हीमोग्लोबिन जांच के लिए कैंप लगवाने की सलाह दी।
अमर उजाला की मुहिम सराहनीय
अपराजिता मुहिम से जुड़ना सुखद अहसास कराने वाला है, क्योंकि इसके जरिए मुझे बच्चियों से सीधे रूबरू होने और उनकी समस्याओं को सुनने व दूर करने का मौका मिला है। यदि भविष्य में भी अमर उजाला इस प्रकार के आयोजनों में मुझे आमंत्रित करता है तो मैं जनहित में आगे आकर अपना सहयोग दूंगी।
-- डॉक्टर नैना मिगलानी, स्त्री एवं प्रसूता रोग विशेषज्ञ।
बच्चों से जुड़कर अच्छा लगा
अमर उजाला की अपराजिता मुहिम के तहत स्कूल में जाकर छात्राओं से सीधे संवाद करना और उनकी सहेली के तौर पर उनकी समस्या सुनना बेहद अच्छा रहा है। निश्चित ही अमर उजाला की यह मुहिम समाज में परिवर्तन लाने वाली होगी। भविष्य में यदि ऐसे कार्यक्रमों से जुड़ने का मौका मिलता है तो मैं जुडू़ंगी।
-- डॉक्टर श्वेता विरमानी, त्वचा रोग विशेषज्ञ।
बेटियों और महिलाओं में जागरूकता लाने के लिए अमर उजाला की ओर से चलाया जा रहा अपराजिता अभियान सराहनीय है। जिस प्रकार से हमारे स्कूल की छात्राओं में कार्यक्रम को लेकर उत्साह नजर आया और उन्होंने चिकित्सकों से संवाद कर अपनी समस्या का समाधान पाया वह बहुत ही अच्छा रहा। भविष्य में भी इस प्रकार के कार्यक्रम कराने का यदि अमर उजाला मौका देगा तो सहारनपुर पब्लिक स्कूल साथ रहेगा।
-- सुधीर जोशी, प्रधानाचार्य, सहारनपुर पब्लिक स्कूल।
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