फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मेरठ: भगत सिंह मार्केट की 197 दुकानों पर सीलिंग का खतरा, दुकानदारों में बेचैनी, कलक्ट्रेट-कमिश्नरी पर प्रदर्शन

Tue, 27 Oct 2026 10:08 PM IST
Mohd Mustakim अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ

सार

भगत सिंह मार्केट के दुकानदारों ने प्रदर्शन कर कहा कि वे यहां 50 साल से व्यापार कर रहे हैं। अब अचानक उनकी दुकानों को अवैध बताया जा रहा है। डीएम को ज्ञापन सौंपकर इन दुकानों को फ्री-होल्ड करने की मांग की गई। 
विज्ञापन
कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन करते भगत सिंह मार्केट के दुकानदार। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद हापुड़ रोड स्थित भगत सिंह मार्केट की करीब 197 दुकानों पर मेरठ विकास प्राधिकरण (मेडा) द्वारा सीलिंग की कार्रवाई का बड़ा खतरा मंडरा रहा है। इस कार्रवाई की भनक लगते ही दुकानदारों में भारी बेचैनी और आक्रोश फैल गया है। दशकों से यहां कारोबार कर रहे दुकानदारों ने राहत देने और दुकानों को फ्री-होल्ड कर मालिकाना हक प्रदान करने की मांग को लेकर मंगलवार को पहले कलक्ट्रेट और फिर कमिश्नरी पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया। दुकानदारों ने इस संबंध में जिलाधिकारी (डीएम) के नाम एक ज्ञापन सौंपकर मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने और शासन स्तर से इसका स्थायी समाधान कराने की गुहार लगाई है।
विज्ञापन
Trending Videos

रोजी-रोटी और आजीविका का संकट
प्रदर्शनकारी दुकानदारों ने बताया कि भगत सिंह मार्केट नजूल भूमि पर विकसित है और इसमें कुल 197 दुकानें हैं। इनमें से कई दुकानदार पिछले पांच से छह दशकों (50-60 वर्षों) से लगातार व्यापार कर अपने परिवारों का पालन-पोषण कर रहे हैं। इन दुकानों से सीधे तौर पर उनकी आजीविका जुड़ी हुई है। ऐसे में किसी भी प्रकार की सीलिंग की कार्रवाई से उनके सामने अचानक रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा।

री-सर्वे और 16,726 भवनों की सीलिंग का मामला
दुकानदारों के अनुसार, वर्तमान में जोन-ए में प्राधिकरण का री-सर्वे चल रहा है। कोर्ट ने कुल 16,726 भवनों को सील करने के आदेश दिए हैं, जिसमें भगत सिंह मार्केट की ये दुकानें भी शामिल हैं। दुकानदारों का कहना है कि यह पूरा मामला अभी न्यायालय में विचाराधीन है। उन्होंने कोर्ट के अंतरिम आदेशों का हवाला देते हुए मांग की कि भूमि और दुकानों की वास्तविक स्थिति का निष्पक्ष परीक्षण किए बिना कोई भी प्रतिकूल या दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए।
 

अभिलेखों की जांच कर राहत देने की मांग
दुकानदारों ने प्रशासन से मांग की है कि संबंधित राजस्व अभिलेखों, भूमि की वास्तविक स्थिति और दुकानदारों की दीर्घकालीन किरायेदारी का पूरी तरह परीक्षण कराया जाए। साथ ही नगर निगम और संबंधित विभागों के रिकॉर्ड की गहन जांच कराकर दुकानदारों के हित में न्यायोचित निर्णय लिया जाए।
 
विज्ञापन

गौरतलब है कि इससे पहले भी दुकानदार कलक्ट्रेट पहुंचकर ज्ञापन दे चुके हैं। मंगलवार को उन्होंने डीएम के नाम एसीएम को ज्ञापन सौंपा। इसके बाद जब वे कमिश्नरी पहुंचे तो वहां किसी अधिकारी के न मिलने पर दुकानदारों ने बुधवार को दोबारा आने की बात कही। प्रदर्शन और ज्ञापन देने वालों में मुख्य रूप से नितिन अरोरा, मानत धकड़, राजू, सुरेश कुमार, मुकेश गुप्ता, आलोक गर्ग, राजेंद्र कुमार, राकेश कुमार सहित भारी संख्या में अन्य दुकानदार मौजूद रहे।

ये भी देखें...
एमएलसी चुनाव: शिक्षक सीट पर श्रीचंद शर्मा और स्नातक पर दिनेश गोयल की जीत, लगातार दूसरी बार भाजपा का परचम
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें