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कोरोना ने बढ़ाया दवाओं का बजट

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कोरोना ने बढ़ाया दवाओं का बजट
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मेरठ। केस एक- मासिक बजट में 4 हजार रुपये का इजाफा। राधा गार्डन निवासी सविता ने बताया कि कोरोना के कारण बचत शून्य हैं, आमदनी घटी है, लेकिन खर्चा तीन से चार हजार रुपया महीना बढ़ गया है। वो भी सिर्फ दवाओं और सफाई की चीजों पर। हर महीने सैनिटाइजर, साबुन, फिनायल, एंटीइंफेशन स्प्रे, विटामिन की गोलियां, प्रोटीन पाउडर अब बजट का अहम हिस्सा बन गए हैं।
केस टू-- आमदनी नहीं खर्चा बढ़ा
भागीरथी कुंज निवासी रोली कहती हैं कोरोना ने बेवजह के खर्चे बढ़ाए हैं, जिनके बारे में कभी सोचा भी न था। पिछले डेढ़ साल से शहद, नींबू, विटामिन, जिंक की गोलियां, काढ़ा, ग्रीन टी, मास्क और सेनेटाइजर इस पर हर महीने दो से तीन हजार रुपए खर्च हो रहे हैं। जरूरी मेडिकल उपकरण घर लाए तो आठ से दस हजार रुपये का बिल बन गया।
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आय के साधन सीमित
सविता और रोली की तरह ये परेशानी आज हर परिवार, हर गृहिणी की है जो पिछले डेढ़ साल से घर के बजट को प्रबंधित करने के लिए दिनरात जुटी हैं। महामारी ने इंसान को हर तरफ से तोड़ा है। आय के साधन सीमित हो गए। आर्थिक संकट गहराया। अपनों को खोने का गम सहा। पढ़ाई, नौकरी छूटी तो वहीं घर का मासिक बजट बेवजह बढ़ गया।
दवाएं, मल्टी विटामिन, क्लीनिंग उत्पाद हुए अनिवार्य
इम्युनिटी बूस्टर दवाएं, सीरप, प्रोटीन पाउडर, एजिथ्रोमाइसिन, पेरासिटामोल, विटामिन सी, विटामिन डी की गोलियां, मल्टीविटामिन, जिंक, तुलसी वटी, घनगिलॉय वटी, काढ़ा पाउडर, शहद, च्यवनप्राश, ग्रीन टी, तुलसी, नीम के पेय पदार्थ अब हर घर की जरूरत बन चुके हैं। हर महीने ये चीजें घर पर आनी ही हैं ताकि इनके नियमित सेवन से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ सके।
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घर की सफाई अहम है इसलिए लोग
एंटीवायरल गोलियां, कुनैन की गोली, फिनाइल, स्प्रिट, हैंडवॉश, एंटीवॉयरल फिल्टर, टिशू, एयर प्यूरिफायर पर अधिक ध्यान दे रहे हैं। वहीं मास्क, सैनिटाइजर, डिसइंफेक्टर, दस्तानें भी कोरोना से बचाव के लिए अनिवार्य हो गए हैं जो घर पर होना जरूरी है। इन सबके बीच लोग अपनों की सुरक्षा के लिए ऑक्सीमीटर, बीपी मशीन, थर्मल स्कैनर सहित कई मेडिकल उपकरण घर ला चुके हैँ। ताकि आपात स्थिति में चिकित्सक ने मिले तो प्राथमिक चिकित्सा दे सकें। घर में बुजुर्ग, बीमार हैं तो उनकी सेहत की नियमित जांच घर पर ही हो जाए। घर दवाखाने हो गए हैं। लोग महामारी से डरकर ये सारी चीजें नियमित ले रहे हैं और इनका खर्चा दे रहे हैं।
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