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Meerut News: हार्ट अटैक आने पर सीपीआर के ज़रिए मरीज़ की जान बचाना सिखाया

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हार्ट अटैक आने पर सीपीआर के ज़रिए मरीज़ की जान बचाना सिखाया

माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। मेडिकल कॉलेज में कार्डियोपल्मोनरी रिससिटैशन अवेयरनेस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। आमतौर पर इसे सीपीआर या लाइफ सेविंग टेक्निक कहा जाता है। जब किसी व्यक्ति को हार्ट अटैक या कार्डियक अरेस्ट हो जाए, तो उस स्थिति में सीपीआर के जरिए व्यक्ति की जान बचाई जा सकती है।
मेडिकल कॉलेज के मीडिया प्रभारी डा वी डी पाण्डेय ने बताया कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार के निर्देश पर चिकित्सा विज्ञान राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड और सर गंगाराम अस्पताल दिल्ली के एनस्थेसिया विभाग के विषेशज्ञ चिकित्सकों द्वारा अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुसार कार्डियोपल्मोनरी रिससिटैशन अवेयरनेस विषय पर सीधे प्रसारण के माध्यम से राष्ट्रीय स्तर पर चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ, पैरा मेडिकल स्टाफ को प्रशिक्षित किया गया। डॉ सुभाष दहिया की अध्यक्षता में मेडिकल कॉलेज मेरठ में चिकित्सकों एवम अन्य को प्रशिक्षण दिया गया।
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प्रधानाचार्य डॉ आरसी गुप्ता ने बताया कि कार्डियोपल्मोनरी रिससिटैशन अवेयरनेस कार्यक्रम आयोजित का मुख्य प्रयोजन यह था कि सभी स्वास्थ्य कर्मियों को बेसिक लाइफ सपोर्ट, एडवांस लाइफ सपोर्ट की जानकारी तथा आटोमेटेड एक्सटर्नल डिफीब्रिलेटर डिवाइस का प्रयोग मरीज एवम मेडिकल कॉलेज में आने वाले मरीज के तीमारदारों के हित में उसका सदुपयोग अत्यंत आवाश्यक है। डा गुप्ता ने यह भी बताया कि सरकार ने हवाई अड्डे, मेट्रो स्टेशन, रेलवे स्टेशन आदि पर आटोमेटेड एक्सटर्नल डिफीब्रिलेटर डिवाइस लगा रही है और भी सार्वजनिक स्थानों पर लगाई जाएंगी। यह डिवाइस खुद वाइस कमांड देती है जिसे कोई भी व्यक्ति जो प्रशिक्षित नहीं है वो भी प्रयोग कर सकता है।
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इस अवसर मेडिकल कालेज के सभी विभागों के विभागाध्यक्ष, संकाय सदस्य, सिनियर एवम जूनियर रेजिडेंट्स, नर्सिंग एवम पैरामेडिकल स्टाफ, छात्र छात्राएं आदि उपस्थित रहे।
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