मेरठ के लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज को रक्त से प्लाज्मा एवं प्लेटलेट्स अलग करने की मशीन (रेफ्रिजरेटेड सेंट्रीफ्यूज मशीन) मिल गई है। इसे मंगलवार को चालू किया जाएगा।
इस मशीन के काम शुरू करने से अस्पताल में प्लेटलेट्स का संकट खत्म होगा। मशीन एक से डेढ़ घंटे में 12 यूनिट रक्त से प्लेटलेट्स निकाल सकेगी। इसके लिए अगस्त में शासन से हरी झंडी मिल गई थी। दरअसल, मेडिकल कॉलेज के ब्लड बैंक में प्लेटलेट्स निकालने की मशीन अक्सर खराब रहती थी। जिससे कई बार प्लेटलेट्स का अभाव हो जाता है।
मेडिकल कॉलेज स्थित ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. मोनिका राठी ने बताया कि रक्त से प्लाज्मा एवं प्लेटलेट्स निकालने की मशीन की कीमत करीब 28 लाख रुपये है। प्लेटलेट्स शरीर के लिए बहुत महत्वपूर्ण होती हैं।
यदि किसी स्थिति में प्लेटलेट्स की संख्या घट जाए या वृद्धि होने लगे तो कई गंभीर बीमारियां होनी शुरू हो जाती हैं। आमतौर प्लेटलेट्स की कमी समस्या का कारण बनती हैं। प्लेटलेट्स की जरूरत डेंगू समेत कई गंभीर बीमारियों में होती है। उन्होंने बताया कि हर रोज दो से तीन यूनिट प्लेटलेट्स की मांग है।
रक्त बहने से रोकती हैं प्लेटलेट्स
प्लेटलेट्स शरीर में रक्त की ऐसी कोशिकाएं होती हैं जो थक्का बनाकर खून को बहने से रोकती हैं। शरीर में किसी घाव या अन्य कारण से रक्त शिराओं से स्राव होने पर प्लेटलेट्स की मदद से उसे रोका जाता है।