मीट फैक्टरी में अवैध पैकेजिंग के मामले में हाजी याकूब, उनकी पत्नी संजीदा बेगम, बेटे इमरान और फिरोज नामजद हुए थे। कोर्ट से याकूब और उनके दोनों बेटों को राहत नहीं मिली, जबकि पत्नी संजीदा बेगम को सशर्त अग्रिम जमानत मिल गई थी। दो माह बाद संजीदा ने पुलिस को अपने बयान दर्ज कराए।
मुकदमा दर्ज होने के दो महीने बाद पूर्व मंत्री याकूब कुरैशी की पत्नी संजीदा बेगम पुलिस से रूबरू हुईं। याकूब के घर सराय बहलीम कोतवाली में पहुंचकर किठौर पुलिस ने संजीदा के बयान दर्ज किए हैं। पुलिस के मुताबिक फैक्टरी के डायरेक्टरों सहित अन्य मामलों की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस का कहना है कि संजीदा ने कुछ सवालों के जवाब नहीं दिए हैं।
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31 मार्च को हापुड़ रोड पर याकूब कुरैशी की फैक्टरी पर पुलिस ने छापा मारकर 10 कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया था। आरोप है कि हाजी याकू्ब की फैक्टरी में अवैध तरीके से मीट की पैकिंग हो रही थी।
इस मामले में याकूब उनकी पत्नी संजीदा बेगम, बेटे इमरान और फिरोज भी नामजद हुए थे। कोर्ट से याकूब और उनके दोनों बेटों को राहत नहीं मिली, जबकि पत्नी संजीदा बेगम को सशर्त अग्रिम जमानत मिल गई थी। कोर्ट ने आदेश दिया था कि पुलिस को विवेचना में सहयोग करें।
चार दिन बाद संजीदा बेगम सोमवार को अपने घर सराय बहलीम पहुंची। मंगलवार को किठौर पुलिस ने उनके घर पहुंचकर संजीदा बेगम के बयान दर्ज किए हैं।
एसपी देहात केशव कुमार का कहना है कि फैक्टरी को संचालित कौन कर रहा था। उसके डायरेक्टर कौन हैं। फैक्टरी से संबंधित अन्य सवाल विवेचक ने पूछे। संतोषजनक जवाब न मिलने पर संजीदा बेगम के फिर से बयान दर्ज हो सकते हैं। इस मामले में विवेचना चल रही है। इमरान की अग्रिम जमानत अर्जी को कोर्ट ने खारिज कर दिया है।