अधीक्षण अभियंताओं के पास अब नहीं होगा कर्मियों को हटाने का अधिकार
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। आउटसोर्स एजेंसियों के माध्यम से नियोजित अब सीधे अधीक्षण अभियंता वापस नहीं कर सकेंगे। इसके लिए डिस्कॉम प्रबंध निदेशक से स्वीकृति लेनी होगी। यूपीपीसीएल के प्रबंध निदेशक की ओर से इस संबंध में पत्र जारी कर निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा पिछले छह महीनों में हटाए गए।
आउटसोर्स कर्मियों को हटाने का कारण बताते हुए और नए रखे गए आउटसोर्स कर्मियों के कार्यों की रिपोर्ट पावर कारपोरेशन प्रदेश मुख्यालय को भेजनी होगी। एमडी यूपीपीसीएल पंकज कुमार की ओर से पश्चिमांचल के साथ ही प्रदेश के सभी डिस्कॉम प्रबंध निदेशकों को इस बारे में आदेश जारी किए गए हैं। अब नई व्यवस्था लागू की गई है कि आउटसोर्स कर्मियों को आउटसोर्स एजेंसियों को वापस करने से पहले विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक का अनुमोदन आवश्यक होगा। अधीक्षण अभियंताओं को निर्देश दिए हैं कि वह अपने क्षेत्र में यह परीक्षण कर लें कि पिछले छह महीनों में हटाए गए आउटसोर्स कार्मिक को हटाने का कारण क्या था।
साथ ही वर्तमान में कार्य कर रहे आउट सोर्स कर्मियों के कार्यों का विश्लेषण कर लिया जाए। अधीक्षण अभियंता परीक्षण के बाद अपनी रिपोर्ट मुख्य अभियंता को तत्काल और मुख्य अभियंता चार अगस्त तक अभी रिपोर्ट निदेशक कार्मिक, प्रबंधन एवं प्रशासन को भेजेंगे। निदेशक कार्मिक प्रबंधन एवं प्रशासन रिपोर्ट का परीक्षण करके अपनी रिपोर्ट आठ अगस्त तक यूपीपीसीएल निदेशक कार्मिक प्रबंधन एवं प्रशासन को उपलब्ध कराएंगे।