हाईकोर्ट के ये थे आदेश
हाजी याकूब कुरैशी के शासन द्वारा भू-उपयोग बदलने के आवेदन के निरस्त होने के बाद हाईकोर्ट ने रोड वाइडनिंग और ग्रीन वर्ज की जगह से निर्माण हटाने को कहा था। इन दोनों स्थानों से याकूब ने अवैध निर्माण हटा लिया था।
वहीं, हाईकोर्ट ने अपने आदेश में लिखा था कि अवैध रुप से बनी हुई फैक्टरी को चलाने की इजाजत नहीं दी जा सकती है। हाईकोर्ट के इसी आदेश का उल्लंघन किया गया। इसके बाद एमडीए ने सील की कार्रवाई कर ध्वस्तीकरण का नोटिस दिया है।
एमडीए सुप्रीम कोर्ट में दाखिल करेगा शपथ पत्र
वहीं, एमडीए उपाध्यक्ष मृदुल चौधरी ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट में भी एमडीए पूरी तैयारी के साथ शपथ पत्र दाखिल करेगा। इसमें अभी तक की गई कार्रवाई को बताया जाएगा। जिसमें लिखा जाएगा कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी फैक्टरी का संचालन होता रहा। इस कारण कार्रवाई की गई है।