मेरठ। अवैध निर्माण पर लगाम लगाने और शहरवासियों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए एमडीए ने मोबाइल एप और वेबसाइट (www.mdameerut.in) को अपग्रेड किया है। अब मोबाइए एप की सहायता से मेट या जेई मौके पर जाकर अवैध निर्माण का फोटो सहित चालान काट सकते हैं। इसके 48 घंटे बाद निर्माण मालिक को इसकी सूचना भी मोबाइल फोन पर मिल जाएगी। वहीं, आमजन को भवन के नक्शे की जानकारी, मेंटीनेंस शुल्क का भुगतान और ई-नीलामी सहित 12 कार्य भी ऑनलाइन होंगे। बुधवार को एमडीए सभागार में कमिश्नर अनीता. सी मेश्राम ने इस मोबाइल एप ‘एमडीए मेरठ’ को लॉन्च किया। इस एप को बृहस्पतिवार से प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है।
कमिश्नर अनीता. सी मेश्राम ने कहा कि एमडीए के कार्यों में पारदर्शिता और आमजन को बेहतर ढंग से जोड़ने के लिए यह कदम उठाया गया। वहीं, एमडीए उपाध्यक्ष राजेश कुमार पांडेय ने बताया कि एप के जरिये मेट या अवर अभियंताओं को अवैध निर्मार्णों की जानकारी, ई-चालान और सील लगने के बाद भी अवैध निर्माण जारी रहने पर अभियोजन की प्रक्रिया की पूरी जानकारी एक क्लिक में मिल सकेगी। इस मौके पर सचिव प्रवीणा अग्रवाल, मुख्य अभियंता दुर्गेश प्रसाद श्रीवास्तव, अधीक्षण अभियंता पीपी सिंह आदि मौजूद रहे।
एमडीए वेबसाइट पर ये मिलेगी सुविधाएं
ऑनलाइन किश्त जमा - विभिन्न योजनाओं पर आवंटी अपनी किश्त जमा कर सकता है।
ऑनलाइन मेंटीनेंस जमा - आवंटी मेंटीनेंस शुल्क को जमा कर सकता है।
ऑनलाइन बिल्डिंग प्लान अप्रूवल - घर का नक्शा ऑनलाइन सबमिट किया जा सकता है।
मास्टर प्लान - एमडीए और प्राइवेट बिल्डर द्वारा बनाई गई कॉलोनियों की अवैध और वैध की जानकारी प्राप्त कर सकता है। इस विकल्प में कॉलोनी को ले-आउट प्लान भी अपलोड किया गया है।
ई-ऑक्शन - इस विकल्प पर एमडीए की ओर से शहर में नीलाम की जाने वाली व्यवसायिक और आवासीय संपत्तियों की सूची अपलोड की जाती है। वहीं, बोली लगाने की तिथि भी दी जाती है।
ऐसे वेबसाइट पर करें पंजीकरण
एमडीए ने घर-घर से लोगों के डाटा कलेक्शन का कार्य शुरू किया था। जिससे आवंटियों के पास सीधे उनके मेंटीनेंस शुल्क का मैसेज भेजा जा सके। जिसमें से सिर्फ 16 हजार लोगों ने ही अपने डाटा को उपलब्ध कराया। इसके लिए वेबसाइट पर पंजीकरण के लिए विकल्प दिया गया है। आवंटी एमडीए की वेबसाइट पर जाकर अलॉटी रजिस्ट्रेशन विकल्प पर जाकर अपना एलॉटमेंट लेटर, आधार कार्ड, कब्जा प्रमाण पत्र, नक्शा और बिजली कनेक्शन की कॉपी अपलोड कर देगा। इसके बाद लॉगिन आईडी से अपना एकाउंट खोलने के बाद पेमेंट रजिस्ट्रेशन विकल्प पर जाने के बाद डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड के माध्यम से मेंटीनेंस शुल्क जमा कर सकता है।
एप से लिंक होगी वेबसाइट
एमडीए मेरठ एप को प्ले स्टोर से डाउनलोड करने के बाद इसमें भी मेंटीनेंस शुल्क, किश्त, ई-ऑक्शन विकल्प होंगे। इन विकल्पों पर क्लिक करने के बाद यूजर सीधे एमडीए वेबसाइट (www.mdameerut.in) पर पहुंच जाएगा। यूजर को यूआरएल डालने की जरुरत नहीं होगी। उपाध्यक्ष राजेश कुमार पांडेय ने बताया कि अभी तक एप पर 243 अवैैध निर्माणों पर सील की कार्रवाई, चार के विरुद्घ एफआईआर, 338 पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई, 147 अभियोजन न्यायायल और एक पर समन जारी किया गया है।