- 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन में बलिदान देने वाले शहीदों की याद में हुआ कार्यक्रम
संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन में बलिदान देने वाले भामौरी गांव के शहीदों की स्मृति में मंगलवार को श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। मोटो की चौपाल पर सामाजिक, राजनीतिक और गैर राजनीतिक संगठनों के लोगों ने हवन में आहुति देकर बलिदानियों को नमन किया। कंपोजिट विद्यालय के बच्चों ने प्रभात फेरी निकालकर शहीदों के बलिदान का संदेश दिया।
प्रभात फेरी गांव के मुख्य मार्गों से होती हुई शहीद स्मारक पहुंची। यहां अतिथियों, ग्रामीणों और स्कूली बच्चों ने शहीदों को पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम में ग्रामीणों ने देश की आजादी के लिए भामौरी के बलिदानियों द्वारा दिए गए योगदान को याद किया।
18 अगस्त 1942 को हुआ था गोलीकांड
बताया गया कि 18 अगस्त 1942 को मोटो की चौपाल पर बलिया निवासी रामस्वरूप शर्मा सभा कर रहे थे। उस समय महात्मा गांधी के आह्वान पर देशभर में भारत छोड़ो आंदोलन चल रहा था। सभा के दौरान ब्रिटिश अधिकारियों के आदेश पर अंग्रेजी फौज ने चौपाल को चारों ओर से घेर लिया और ग्रामीणों पर गोलियां चला दीं। गोलीकांड में लटूर सिंह, प्रहलाद सिंह, फतह सिंह और बोबल कश्यप बलिदान हो गए थे। वहीं बलजीत सिंह, देवी सिंह, रणधीर सिंह, जमादार सिंह, बाबूराम शर्मा, चेतनलाल और शिवचरण सिंह समेत कई स्वतंत्रता सेनानी घायल हुए थे। सभा कर रहे रामस्वरूप शर्मा को भी गोली लगी थी। इस घटना की स्मृति में हर वर्ष 18 अगस्त को गांव में शहीदों को श्रद्धांजलि दी जाती है।
वंशजों को किया सम्मानित
कार्यक्रम में राष्ट्रपति पदक से सम्मानित एवं भारतीय रेडक्रास सोसायटी के उप संरक्षक सरबजीत सिंह कपूर ने शहीदों के वंशज शिव ओम शर्मा, निशांत कुमार, विशाल, मांगे राम और राज सिंह को शाल एवं सम्मान प्रतीक भेंट कर सम्मानित किया।
स्थानीय इतिहास को मुख्यधारा में शामिल किया जाना जरूरी
इतिहासकार एवं अंतरराष्ट्रीय सनातन ट्रस्ट की अध्यक्ष डाॅ. शुचि गुप्ता ने कहा कि स्थानीय इतिहास को राष्ट्रीय इतिहास की मुख्यधारा में शामिल किया जाना जरूरी है। इससे आने वाली पीढ़ियां गांवों और स्थानीय लोगों के बलिदान से परिचित हो सकेंगी। श्रद्धांजलि कार्यक्रम के बाद जनप्रतिनिधियों और पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों ने शहीद संग्रहालय का भ्रमण किया। संग्रहालय में वर्ष 1942 के गोलीकांड और क्षेत्र के स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े इतिहास को प्रदर्शित किया गया है। इस मौके पर पूर्व विधायक संगीत सोम, उप जिलाधिकारी उदित नारायण सेंगर, नायब तहसीलदार भूपेंद्र सिंह, क्षेत्राधिकारी आशुतोष कुमार, थाना प्रभारी दिनेश प्रताप सिंह और ग्राम प्रधान दिनेश सोम समेत आसपास के ग्रामीण मौजूद रहे।
सरधना। भामौरी में कार्यक्रम में गोलीकांड में शहीद हुए पांच स्वतंत्रता सेनानियों के वंशजों को सम
सरधना। भामौरी में कार्यक्रम में गोलीकांड में शहीद हुए पांच स्वतंत्रता सेनानियों के वंशजों को सम