राजस्थान और पंजाब की सीमा से सटे पश्चिमी सरहदी गांवों में टिड्डी दल के प्रकोप को लेकर उत्तर प्रदेश का कृषि विभाग भी सतर्क हो गया है। जिला स्तर पर टिड्डी नियंत्रण के लिए ब्लॉक एवं गांव स्तरीय कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। बचाव के लिए सीडीओ आलोक यादव की अध्यक्षता में समिति का गठन भी किया गया है।
मुजफ्फरनगर में उप निदेशक कृषि जसवीर तेवतिया ने जिला कृषि रक्षा अधिकारी पवन कुमार विश्वकर्मा के सभी ग्राम एवं विकस खंड स्तरीय कर्मचारियों को निर्देशित किया है कि कहीं पर भी टिड्डियों का समूह दिखाई दे तो तुरंत सूचना दें।
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पीपीओ ने बताया कि टिड्डियों को भगाने के लिए बर्तन एवं अन्य ध्वनि यंत्रों से शोर करें। खेतों के किनारे पर फॉगिंग या पुआल का धुआं कर उन्हें खेतों से दूर रखा जा सकता है। टिड्डी दल रात में खेतों में रुकते हैं। ऐसे खेतों को जोतकर कीटनाशक जैसे मैलाथियान, क्लारोपाइरीफॉस, डाईक्लोरोवॉस या ब्यूवेरिया बेसियाना का घोल बनाकर छिड़काव करें। किसान अपनी फसलों की निगरानी करते रहें। इस संबंध में कंट्रोल रूम भी बना दिया गया है।
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