चाचा की गोद में शहीद का बेटा
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वहीं कुछ देर बाद समाज के बुुजुर्गों ने दीपांशु के सिर पर बंधी पगड़ी को पास में बैठे उसके बाबा मुनीराम के सिर पर रखवाकर उन्हें ये जिम्मेदारी सौंप दी। शहीद सतेंद्र को श्रद्धांजलि देेने के लिए दिल्ली और हरियाणा तक से कश्यप समाज के लोग पगड़ी लेकर पहुंचे थे। हरियाणा के रोहतक, करनाल, दिल्ली के अलावा भाकियू नेता नरेश टिकैत के गांव सिसौली, फुगाना, बुटराड़ी, किशनपुर बराल, ककड़ीपुर, बिहारीपुर, खेड़ा मस्तान, तितावी, फतेहपुर, तितावी, बागपत का पिलाना, गौरीपुर जवाहरनगर, लिसाढ़, गंगेरू, शाहपुर, मुंडेट, दाहा, भौरांकला, बंतीखेड़ा, काबड़ौत, मतनावली, उमरपुरख, कुड़ाना, काठा, दरगाहपुर, कसेरवा, दरगाहपुर, सैढभर, सिंभालका समेत 50 से ज्यादा गांवों से लोग सतेंद्र की श्रद्धांजलि सभा में पहुंचे।