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मासूम के सिर पर पगड़ी देख भर आईं हर किसी की आंखें, शहीद की तेहरवीं में उमड़ी भीड़, तस्वीरें

Thu, 20 Jun 2019 10:57 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शामली
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शहीद सतेंद्र की तेहरवीं - फोटो : अमर उजाला
आतंकी हमले में शहीद हुए सीआरपीएफ के जवान सतेंद्र की तेरहवीं पर किवाना गांव में सैकड़ों लोग जुटे। खेलने कूदने की उम्र में सतेंद्र के बेटे दीपांशु के सिर पर जिम्मेदारी की पगड़ी बंधी, तो माहौल गमगीन हो गया। हर शख्स भावुक हो गया। शहीद सतेंद्र को श्रद्धांजलि देने के लिए मंत्री, कई विधायकों के अलावा हरियाणा, दिल्ली तक से कश्यप समाज के लोग पहुंचे थे।
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शहीद जवान का बेटा - फोटो : अमर उजाला
तेरहवीं में शामिल होने के लिए सुबह से ही लोग पहुंचने लगे थे। किवाना के प्राइमरी स्कूल में गुरुवार को रस्म तेरहवीं हुई। विशाल पंडाल में प्रदेश सरकार के प्रतिनिधि के तौर पर आए गन्ना राज्य मंत्री सुरेश राणा, कई विधायक, जनप्रतिनिधि समेत हजारों लोग मौजूद थे। शहीद सतेंद्र का साढ़े चार साल का बड़ा पुत्र दीपांशु अपने चाचा केशव की गोद में बैठा था। मंत्रोच्चार शुरू होने पर दीपांशु नहीं समझ पा रहा था कि आखिर क्या हो रहा है। कुछ देर बाद पगड़ी की रस्म शुरू हुई। जैसे ही दीपांशु के सिर पर पगड़ी बंधी तो उसने सिर पर हाथ लगाकर देखा। वो कभी अपने चाचा तो कभी पास में बैठे बाबा की तरफ देखने लगा। शायद उसके मन में कुछ सवाल थे, जिनका वो जवाब चाहता था। चार साल की खेलने कूदने की उम्र में इस मासूम के सिर पर जिम्मेदारी की पगड़ी देख हर शख्स भावुक हो गया।
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चाचा की गोद में शहीद का बेटा - फोटो : अमर उजाला
वहीं कुछ देर बाद समाज के बुुजुर्गों ने दीपांशु के सिर पर बंधी पगड़ी को पास में बैठे उसके बाबा मुनीराम के सिर पर रखवाकर उन्हें ये जिम्मेदारी सौंप दी। शहीद सतेंद्र को श्रद्धांजलि देेने के लिए दिल्ली और हरियाणा तक से कश्यप समाज के लोग पगड़ी लेकर पहुंचे थे। हरियाणा के रोहतक, करनाल, दिल्ली के अलावा भाकियू नेता नरेश टिकैत के गांव सिसौली, फुगाना, बुटराड़ी, किशनपुर बराल, ककड़ीपुर, बिहारीपुर, खेड़ा मस्तान, तितावी, फतेहपुर, तितावी, बागपत का पिलाना, गौरीपुर जवाहरनगर, लिसाढ़, गंगेरू, शाहपुर, मुंडेट, दाहा, भौरांकला, बंतीखेड़ा, काबड़ौत, मतनावली, उमरपुरख, कुड़ाना, काठा, दरगाहपुर, कसेरवा, दरगाहपुर, सैढभर, सिंभालका समेत 50 से ज्यादा गांवों से लोग सतेंद्र की श्रद्धांजलि सभा में पहुंचे।

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शहीद के बेटे के सिर बंधी पगड़ी - फोटो : अमर उजाला
पगड़ी में बस एक रुपया लिया
सतेंद्र की तेरहवीं में परिवार और समाज के लोगों ने एक अच्छी मिसाल भी पेश की। आपसी सलाह से पगड़ी में केवल एक रुपया ही लिया गया। पंडाल में पहले ही घोषणा कर दी गई कि कोई भी व्यक्ति पगड़ी में एक रुपये से ज्यादा ना दे।
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शहीद की तेहरवीं में पहुंचे सैकड़ों लोग - फोटो : अमर उजाला
युवाओं ने संभाली कमान
अपने शहीद लाल की तेरहवीं में किवाना ही नहीं बल्कि आसपास के गांवों के सैकड़ों लोग भी पहुंचे। इनमें युवाओं की संख्या भी काफी अधिक थी। गांव के सभी वर्ग समाज के लोगों ने सुबह ब्रह्मभोज की व्यवस्था भी खुद संभाली थी। सब व्यवस्था बेहतर ढंग से की गई थी।
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शहीद की तेहरवीं में पहुंचे सैकड़ों लोग - फोटो : अमर उजाला
हवन में दी आहुतियां
गुरुवार को सतेंद्र के यहां हवन पूजन किया गया। इसमें परिजनों ने आहुतियां दीं। मौके पर विधायक शामली तेजेंद्र निर्वाल, भाजपा नेता हरवीर सिंह मलिक, ग्राम प्रधान शिव कुमार के अलावा शहीद के पिता मुनीराम और अन्य लोग शामिल रहे।
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शहीद सतेंद्र का फोटो - फोटो : अमर उजाला
किस्मत वालों को ही नसीब होती है शहादत : कमांडेंट
तेरहवीं में शामिल होने आए सीआरपीएफ के कमांडेंट सतेंद्र कुमार ने कहा कि सतेंद्र एक हीरे जैसा था। उसमें देशभक्ति का जज्बा कूटकूटकर भरा था। हमेशा जोशीली बातें करता था दूसरे साथियों के लिए भी वो प्रेरणास्रोत था। हमने सतेंद्र के रूप में एक हीरा खो दिया है जिसका हमें गम है लेकिन गर्व इस बात का है कि उसने देश के लिए प्राणों की आहूति दी। शाहदत जैसा ओहदा हर किसी को नहीं मिलता। ये किस्मत वालों को ही मिलता है। पूरी सीआरपीएफ को सतेंद्र पर नाज है। सतेंद्र के परिवार को जब भी जरूरत होगी हम लोग परिवार के साथ खड़े मिलेंगे।

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