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शहीद मेजर केतन शर्मा ने कभी नहीं पहने स्पोर्ट्स शूज, बुआ ने साझा की यादें, कहा- उसे पसंद थे ऐसे जूते

Thu, 20 Jun 2019 03:56 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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शहीद मेजर केतन शर्मा का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
देश के लिए शहीद हुए मेजर केतन शर्मा के मन में सेना में जाने का जज्बा बचपन से ही पैदा हो गया था। आखिरकार वह दिन भी आ गया जब उन्होंने न सिर्फ सेना की वर्दी पहनी बल्कि देश सेवा के फर्ज को अपना बलिदान देकर चुकाया भी। उनकी शहादत के बाद से ही उनके घर कॉलोनी और रेजिमेंट में शोक पसरा है। वहीं परिवार का हर सदस्य उनसे जुड़ी यादें साझा कर फफक पड़ता है। मेजर केतन शर्मा की बुआ सुनीता ने भी उसने जुड़ा ऐसा ही किस्सा बताया जिसे सुनकर हर कोई भावुक हो गया:-

 
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शहीद मेजर के माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल - फोटो : अमर उजाला
शहीद मेजर केतन शर्मा के परिजन बताते हैं कि वह जब कैंट इलाके से गुजरते हुए स्कूल जाते तो सेना के अफसरों-जवानों को देखकर रोमांचित हो उठते। घर जाकर अपने पापा से कहते कि मुझे सेना में ही जाना है। 

 
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शहीद मेजर केतन शर्मा - फोटो : अमर उजाला
बीएससी करने के बाद उन्होंने सीडीएस की परीक्षा दी लेकिन सफल नहीं हुए। घर वालों ने कहा प्राइवेट नौकरी कर लो, तो कह देते कि मेरा सपना सेना का है। पूरा करके ही रहूंगा। उनके भीतर सेना का जुनून इतना था कि आखिरी चांस में उन्होंने आखिर सफलता पा ली। 

 

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शहीद मेजर केतन शर्मा - फोटो : अमर उजाला
शहीद मेजर केतन शर्मा की इन्हीं पुरानी बातों को याद करके परिजन भावुक हो रहे थे। केतन की दिल्ली में रहने वालीं बुआ सुनीता ने बताया कि गुरुग्राम में नौकरी करने के दौरान वो कई साल उन्हीं के पास रहा। 
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शहीद मेजर केतन शर्मा - फोटो : अमर उजाला
उनकी बुआ ने बताया कि केतन ने गुरुग्राम में रहकर ही सीडीएस की तैयारी की। वह लिखित परीक्षा में तो पास हो गया था। लेकिन इंटरव्यू में हर बार रह गया। उसका आखिरी चांस बचा था। उसने बिना किसी को बताए फार्म भर दिया। जब लिखित परीक्षा में पास हुआ तो बुआ को ही इंटरव्यू की जानकारी दी। बाकी घर में किसी को नहीं बताया। 
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शहीद मेजर केतन शर्मा और उनकी पत्नी - फोटो : अमर उजाला
मैंने अपना सपना पूरा कर लिया 
बुआ बताती हैं कि जब उसका चयन हुआ तो सबसे पहले मेरे पास फोन आया। फिर अपने बड़े पापा और छोटे पापा को फोन कर कहा कि मैंने अपना सपना पूरा कर लिया है। 
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शहीद मेजर केतन शर्मा और पत्नी व बिटिया - फोटो : अमर उजाला
पिता रविंद्र शर्मा और ताऊ अशोक शर्मा बताते हैं कि जब केतन कैंट इलाके से होते हुए स्कूल जाता था तो वहां के बारे में खूब बातें करता था। उसके भीतर ऐसा जुनून था कि उसको जब भी स्पोर्र्ट्स शूज दिलाने को कहा तो उसने मना कर दिया। वह फौजियों की तरह भारी जूते खरीदवाता था। बुआ कहती रहीं कि जितनी खुशी दी थी, सब साथ में ले गया।  

 

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शहीद मेजर केतन शर्मा व उनकी पत्नी - फोटो : अमर उजाला
...चार दिन बाद सजा था सेहरा
केतन शर्मा आठ जून 2012 को पासिंग आउट परेड में अफसर बने। इससे पहले उनकी शादी दिल्ली की इरा से तय हो चुकी थी। अफसर बनने की खुशी तो थी ही। लेकिन इससे बड़ी खुशी परिवार वालों को चार दिन बाद मिल गई। 
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शहीद मेजर केतन शर्मा - फोटो : अमर उजाला
आठ जून को केतन अफसर बने और 12 जून 2012 को उनकी शादी हो गई थी। मेजर केतन शर्मा की शहादत के बाद से ही परिजन और रिश्तेदार इन पुरानी बातों को याद करके बिलख पड़ते हैं।  
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