शहीद मेजर केतन शर्मा और पत्नी व बिटिया
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पिता रविंद्र शर्मा और ताऊ अशोक शर्मा बताते हैं कि जब केतन कैंट इलाके से होते हुए स्कूल जाता था तो वहां के बारे में खूब बातें करता था। उसके भीतर ऐसा जुनून था कि उसको जब भी स्पोर्र्ट्स शूज दिलाने को कहा तो उसने मना कर दिया। वह फौजियों की तरह भारी जूते खरीदवाता था। बुआ कहती रहीं कि जितनी खुशी दी थी, सब साथ में ले गया।