पश्चिम यूपी के बागपत में प्रेम कहानियां के अंत की यह कोई पहली वारदात नहीं है। इससे पहले भी कईं युवाओं को मौत के घाट उतार दिया गया। बड़ौत में तीन दिन पहले ही यासमीन की हत्या चचेरे भाई आबिद ने इसलिए कर दी, क्योंकि वह मोहल्ले के ही रिक्शा चालक के पास बैठी हुई थी।
चचेरे भाई आबिद को शक था कि यासमीन के गफ्फार के साथ ताल्लुक हैं। मामला सामाजिक या कानूनी तरीके से निपटाने के बजाए आबिद ने खुद ही चचेरी बहन और उसके प्रेमी समेत दो कत्ल कर डाले। बाद में आबिद भी पुलिस मुठभेड़ में पकड़ा गया।
बता दें कि जिले की धरती के पन्नी प्रेम कहानियों के खून से रंगे हुए हैं। साल 2014 में बड़ौत के गुराना रोड पर राकिबा की हत्या की गई। वजह थी कि वह अपने प्रेमी राहुल से मिलने चली गई थी। असारा गांव में अफसाना अपने प्रेमी मोहसीन से मिल चली गई तो उसकी हत्या भी लगा घोंटकर कर दी गई थी।
निरपुड़ा गांव में प्रेमी युगल को चाकुओं से गोद दिया गया था। युवती पूजा की पहले उसकी मर्जी के बगैर शादी की गई, जब वह ससुराल से मायके आकर प्रेमी से मिलने पहुंची तो उसकी हत्या कर दी गई।
सिंघावली अहीर पुलिस हाथ मलती रह गई
सिंघावली अहीर थाना पुलिस सोनम की हत्या का खुलासा नहीं कर सकी। बिनौली पुलिस ने हत्या का खुलासा किया। दौझा गांव के किसी व्यक्ति ने पुलिस को जानकारी दी थी कि सोनम कई दिनों से गायब है। परिजनों ने उसकी हत्या कर दी है। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई की।
बेटियों और बहुओं से हैं बागपत का नाम
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेटियों ने ही बागपत का नाम रोशन किया है। खेल, शिक्षा, नौकरी के क्षेत्र में बेटियों ने जिले को खुशियां बख्शी हैं। शूटर दादी चंद्रो तोमर और प्रकाशी तोमर के जीवन पर फिल्म सांड़ की आंख का निर्माण भी हो चुका है। बिजवाड़ा गांव की बहू कविता दलाल ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जिले का नाम चमकाया।
ऑनर किलिंग की जताई थी आशंका
महेशपुर चौपड़ा के जंगल में युवती का शव मिलने के बाद अमर उजाला ने प्रेम-प्रसंग में ऑनर किलिंग की आशंका जताई थी।
शबगा में कर दी थी हत्या
छपरौली के शबगा गांव में मीनू प्रजापति की चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी थी। यह वारदात भी आन की खातिर अंजाम दी गई।