अखिल भारतीय जाट महासभा के प्रदेश अध्यक्ष प्रताप चौधरी ने कहा कि मंत्री जी सरकार में हैं। अगर वह चाहते हैं कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश अलग राज्य बने तो उसे धरातल पर लाएं। इस प्रकार मंच पर झूठे वादे करने से कुछ नहीं होगा। उन्होंने जाट आरक्षण को लेकर कहा कि विधानसभा चुनाव से पूर्व संजीव बालियान की ओर से ही जाटों को आरक्षण दिलाने का वादा किया गया था, लेकिन चुनाव के बाद सबकुछ भूल गए। अब लोगों को मुद्दे से भटकाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय जाट महासभा भी अलग राज्य बनाए जाने का समर्थन करता है लेकिन पहले पूर्व में किए गए वादे पूरे करें। उन्होंने कहा कि उनकी महासभा के एजेंडे में शुरू से ही केंद्र में आरक्षण, प्रदेश का पुर्नगठन और हाईकोर्ट बेंच की स्थापना शामिल रहा है।
लोगों से धोखा कर रहे मंत्री
रालोद के राष्ट्रीय सचिव डॉ. राजकुमार सांगवान ने कहा कि संजीव बालियान जाट आरक्षण को भूल चुके हैं और जाट समाज को इस मांग से भटकाना चाहते हैं। जबकि वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव से पूर्व उन्होंने दिल्ली स्थित अपने आवास पर बैठक आयोजित कर कहा था कि समाज को केंद्रीय सेवाओं में आरक्षण दिलाया जाएगा। उनकी सरकार आरक्षण दिलाएगी, इसके लिए प्रधानमंत्री से वार्ता की जाएगी, लेकिन वह अपने ही वादे को भूल चुके हैं और अब वोटों की राजनीति कर रहे हैं। अब लोगों का ध्यान आरक्षण से हटाकर अलग प्रदेश बनाने पर ला रहे हैं। वह लोगों के साथ धोखा कर रहे हैं।
अलग राज्य की मांग पूरी करने का वक्त आया: मलूक नागर
बिजनौर के बसपा सांसद मलूक नागर ने कहा है कि 70 साल से लंबित चल रही पश्चिम उत्तर प्रदेश को अलग राज्य बनाने की मांग को पूरा करने का वक्त आ गया है। केंद्रीय राज्य मंत्री संजीव बालियान ने पश्चिम उत्तर प्रदेश के अलग राज्य बनने की जो उम्मीद जताई है, केंद्र सरकार को संसद से उसे पारित कर देना चाहिए। अलग राज्य को हमारा पूर्ण समर्थन है।