आदर्श कन्या इंटर कॉलेज के प्रबंधक ने जांच समिति के साथ की अभद्रता
मवाना। आदर्श कन्या इंटर कालेज भीष्म नगर की कार्यवाहक प्रधानाचार्य ममता रस्तोगी के निलंबन के मामले में कॉलेज पहुंची जांच समिति ने प्रबंधक पर अभद्रता और पत्र फाड़ने का आरोप लगाया है। जांच समिति ने इसका वीडियो बनाकर जिला विद्यालय निरीक्षक को कार्रवाई के लिए भेजा है। जांच समिति ने प्रबंध समिति को भंग करने की संस्तुति भी की है।
कॉलेज की कार्यवाहक प्रधानाचार्य के खिलाफ कालेज प्रबंधक राज सिंह ने निलंबन की कार्रवाई की थी। मामले में डीआईओएस ने कहा है कि कार्यवाहक प्रधानाचार्य को सुने बिना एक पक्षीय कार्रवाई की गई है। उन्हें कालेज की सेवाओं से हटाया नहीं किया जा सकता है। मामले की निष्पक्ष जांच कराने के लिए उन्होंने जांच समिति गठित की। इसमें सोनू शेखर प्रधानाचार्य राजकीय हाई स्कूल कुढ़ला, अंशु श्रीवास्तव प्रधानाचार्या राजकीय हाई स्कूल पीपली और नेम सिंह प्रधानाचार्य राजकीय हाई स्कूल चिदौड़ीटप्पा, लावड़ को नियुक्त किया।
जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि 11 फरवरी को समिति जांच के लिए कॉलेज पहुंची। वहां की सहायक अध्यापिका रिंकी सिंह ने प्रधानाचार्य का कार्यभार अपने पास बताया। उन्होंने प्रबंधक की अनुमति के बिना जांच पत्र लेने से इनकार कर दिया। इसके बाद रिंकी सिंह ने एक व्यक्ति को प्रबंधक बताते हुए जांच समिति से परिचय कराया। इस पर वह व्यक्ति आग बबूला हो गया। खुद को अध्यक्ष अजब सिंह बताते हुए अभद्र भाषा का प्रयोग किया। जांच अधिकारी के हाथ से पत्र की कापी छीनकर फाड़ दी। डीआईओएस द्वितीय फतेह सिंह के खिलाफ भी अभद्र भाषा का प्रयोग किया।
जांच समिति ने रिपोर्ट में कहा कि प्रबंध समिति निरकुंश एवं तानाशाही से काम कर रही है। शासकीय कार्यों में बाधा डाल रही है। जांच समिति ने संस्तुति की है कि प्रबंध समिति को भंग किया जाए। दोषी व्यक्ति पर दंडात्मक कार्रवाई की भी संस्तुति की। अजब सिंह को प्रबंध समिति के सामान्य निर्वाचन में शामिल किए जाने से प्रतिबंधित किया जाए।
वहीं, प्रबंध समिति अध्यक्ष अजब सिंह का कहना है कि जांच समिति ने उनको कॉलेज से बाहर जाने के लिए कहा। कार्यवाहक प्रधानाचार्या पर 11 गंभीर आरोप हैं, जिसमें निलंबित किया गया है। जांच का अधिकार प्रबंध समिति को है न कि डीआईओएस को। पत्र फाड़ने के संबंध में उनका कहना है कि हाथ से कागज लेना चाह रहे थे, जो खींचते समय फट गया। उन्होंने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार की सीमाएं पार हो गई हैं। जांच समिति पर जबरन पत्र रिसीव कराने का आरोप लगाया।