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यूपी: युवक ने खेत में चादर से फांसी लगाकर की आत्महत्या, आम के पेड़ पर लटका मिला शव

Tue, 08 Sep 2020 09:10 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर

सार

  • - खेत में आम के पेड़ पर चादर से फांसी लगाकर की आत्महत्या
  • - कुर्ते की जेब से मिली डायरी में मिले बकाएदारों के नाम
  • - रकम न लौटाने व पारिवारिक उपेक्षा के चलते जान देने की कही गई बात
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मुजफ्फरनगर मंसूरपुर गांव दूधाहेड़ी में ग्रामीण का शव खेत में आम के एक पेड़ से चादर से बनाए गए फांसी के फंदे पर लटका मिला। कुर्ते की जेब से एक डायरी मिली, जिसमें कुछ ग्रामीणों के नाम व उन पर बकाया रकम लिखी हुई है। लोगों द्वारा रकम न लौटाने व पारिवारिक उपेक्षा की बात भी डायरी में लिखी गई है।
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मंसूरपुर थाना क्षेत्र के गांव दूधाहेड़ी निवासी महक सिंह (56 वर्ष) पुत्र अजित सिंह बेगराजपुर औद्योगिक क्षेत्र में एक फैक्टरी में गार्ड की नौकरी करता था। करीब डेढ़ महीने से वह ड्यूटी पर नहीं जा रहा था। महक सिंह ग्रामीणों को थोड़ी-थोड़ी रकम उधार देता था, जिससे होने वाली आय से उसका खर्च चलता था। उसके परिवार में केवल पत्नी है। लोगों का कहना है कि पत्नी से उसकी अनबन रहती थी।

मंगलवार सुबह करीब आठ बजे जगत सिंह के खेत में स्थित आम के पेड़ से महक सिंह का शव फांसी के फंदे पर लटका मिला। गले में उसी की चादर का फंदा कसा हुआ था। सूचना पर एसओ मनोज चाहल मौके पर पहुंचे और शव को फंदे से उतारवाया।
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एसओ ने बताया कि महक सिंह के कुर्ते की जेब से एक डायरी मिली, जिसमें उसने उन लोगों के नाम लिखे, जिन्हें उसने रकम उधार दी हुई थी। इसके साथ ही उस फैक्टरी मालिक का नाम व मोबाइल नंबर भी लिखा था, जहां वह गार्ड की नौकरी करता था।

एसओ के अनुसार, डायरी में महक सिंह ने बकाएदारों द्वारा रकम न लौटाने के साथ ही पारिवारिक उपेक्षा के चलते आत्महत्या की बात लिखी है। वहीं, बकायेदारों द्वारा रकम लौटाए जाने पर उनके खिलाफ कार्रवाई न किए जाने की भी बात कही गई है। सीओ खतौली आशीष प्रताप सिंह ने भी मौके पर पहुंचकर घटनास्थल व डायरी की पड़ताल की। महक सिंह के भाई हरेंद्र ने तहरीर देकर भाई के आर्थिक तंगी में होने का दावा किया है।

इन्होंने कहा
एसडीएम खतौली इंद्राकांत द्विवेदी का कहना है कि कोविड-19 के चलते इस वर्ष किसी को भी किसी तरह का नोटिस या आरसी जारी नहीं किया गया है। ग्रामीण के आर्थिक तंगी से जूझने की बात जांच में प्रथम दृष्टया गलत पाई गई है। वह खुद अन्य लोगों को रुपये उधार देता था।

परिवार की उपेक्षा
एसओ मनोज चाहल का कहना है कि ग्रामीण ने डायरी में पारिवारिक उपेक्षा की बात लिखी है। इसके चलते मानसिक तनाव में होने के कारण आत्महत्या करने की आशंका है। सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है।
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