एसओ ने बताया कि महक सिंह के कुर्ते की जेब से एक डायरी मिली, जिसमें उसने उन लोगों के नाम लिखे, जिन्हें उसने रकम उधार दी हुई थी। इसके साथ ही उस फैक्टरी मालिक का नाम व मोबाइल नंबर भी लिखा था, जहां वह गार्ड की नौकरी करता था।
एसओ के अनुसार, डायरी में महक सिंह ने बकाएदारों द्वारा रकम न लौटाने के साथ ही पारिवारिक उपेक्षा के चलते आत्महत्या की बात लिखी है। वहीं, बकायेदारों द्वारा रकम लौटाए जाने पर उनके खिलाफ कार्रवाई न किए जाने की भी बात कही गई है। सीओ खतौली आशीष प्रताप सिंह ने भी मौके पर पहुंचकर घटनास्थल व डायरी की पड़ताल की। महक सिंह के भाई हरेंद्र ने तहरीर देकर भाई के आर्थिक तंगी में होने का दावा किया है।
इन्होंने कहा
एसडीएम खतौली इंद्राकांत द्विवेदी का कहना है कि कोविड-19 के चलते इस वर्ष किसी को भी किसी तरह का नोटिस या आरसी जारी नहीं किया गया है। ग्रामीण के आर्थिक तंगी से जूझने की बात जांच में प्रथम दृष्टया गलत पाई गई है। वह खुद अन्य लोगों को रुपये उधार देता था।
परिवार की उपेक्षा
एसओ मनोज चाहल का कहना है कि ग्रामीण ने डायरी में पारिवारिक उपेक्षा की बात लिखी है। इसके चलते मानसिक तनाव में होने के कारण आत्महत्या करने की आशंका है। सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है।