यह हालत देखकर थाना पुलिस में भी खलबली मच गई। युवती को परिजनों ने खींच कर अपने साथ ले जाने का प्रयास भी किया। इससे पहले पुलिस कुछ समझ पाती कि युवती के परिजन भी वहां से भाग खड़े हुए। पुलिस ने भरोसा दिया कि मुस्कान को उसके परिजन नहीं ले जा पाए हैं, वो यही है। पुलिस ने आनन-फानन में उसे अस्पताल में पहुंचाया।
तीन दिन में खुद ही लौट आया दीपक
पुलिस को भी यकीन नहीं था कि दीपक खुद तीन दिन में अपनी प्रेमिका को लेकर थाने आ जाएगा। युवती के परिजनों की शिकायत के बाद पुलिस दीपक और युवती की तलाश कर रही थी।
मामले में कार्रवाई ना होने पर युवती के परिजन सीओ कोतवाली के पास मिलने के लिए आए थे। वह वापस लौट रहे थे तभी सामने से दीपक और युवती दिखाई दिए। परिजन युवती को जबरन खींचने लगे तो दीपक ने खुद की गर्दन पर धारदार हथियार से वार कर लिए।