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यूपी: खाकी की मौजूदगी में युवक ने शर्मनाक तरीके से किया राष्ट्रीय प्रतीक चिह्न का अपमान

Sun, 08 Jul 2018 12:39 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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राष्ट्रीय प्रतीक अशोक स्तंभ - फोटो : file photo
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बीती रात मुजफ्फरनगर  का सुजड़ू चुंगी चौराहा खाकी की मौजूदगी के बावजूद शर्मनाक तरीके से राष्ट्रीय अस्मिता के अपमान का साक्षी बना। यहां एक युवक ने अशोक स्तंभ के ऊपर चढ़कर पुलिस की मौजूदगी में ही आधा घंटे से अधिक समय तक जमकर उत्पात मचाया। अशोक स्तंभ के इस तरह हो रहे अपमान के बावजूद वहां मौजूद पुलिसकर्मी और अन्य लोग महज तमाशबीन की भूमिका में रहे। बाद में आरोपी वहां से कूदकर फरार हो गया, जिसके बाद पुलिस ने युवक को मनोरोगी बताते हुए बचाव का रास्ता खोज निकाला।  

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राष्ट्रीय अस्मिता के प्रतीक अशोक स्तंभ की बेकदरी का यह शर्मनाक मंजर शुक्रवार देर रात शहर के सुजड़ू चुंगी चौराहे पर नजर आया। देर रात करीब 11 बजे शर्मनाक तरीके से जिस समय आरोपी यह कृत्य कर रहा था, वहां से चंद कदमों की दूरी पर कई पुलिसकर्मी मौजूद थे, जो वहीं से युवक की हरकतों देखकर नजरअंदाज करते रहे।
आसपास के लोगों ने जब आरोपी के इस कृत्य को देखकर पुलिसकर्मियों से उसे पकड़ने के लिए कहा, तो पुलिसकर्मी मौके पर तो पहुंच गए,लेकिन आरोपी को रोकने का प्रयास तक नहीं किया। 

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राष्ट्रीय प्रतीक चिह्न को पैरों से कुचला

एक युवक सुजड़ू की तरफ से अशोक स्तंभ के ऊपर चढ़ गया। इसके बाद आरोपी ने राष्ट्रीय प्रतीक चिह्न को पैरों से ठोकरें मारनी व उसे कुचलना शुरू कर दिया। करीब आधा घंटे तक आरोपी का यह कृत्य लगातार जारी रहा, लेकिन इसी दौरान मेरठ की तरफ से आ रहे एक युवक ने आरोपी की इस करतूत को देखकर शोर मचाते हुए उसे पकड़ने का प्रयास किया।

इस पर आरोपी युवक स्तंभ से कूदकर पुलिसकर्मियों के सामने ही वहां से फरार हो गया। वहीं इस मामले में पुलिस ने अपनी जान बचाने के लिए आरोपी को मनोरोगी बताते हुए पूरी कार्रवाई से पल्ला झाड़ लिया।

इस मामले में अधिवक्ता अश्वनी शर्मा ने बताया कि राष्ट्रीय प्रतीक चिह्न के प्रति इस तरह का व्यवहार भारत राष्ट्रीय प्रतीक (अनुचित प्रयोग का निषेध) के तहत कानूनन अपराध है। यदि किसी ने ऐसा किया है तो उसके खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत ही एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।  
   
सीओ सिटी हरीश सिंह भदौरिया ने बताया कि ऐसा कोई मामला अभी तक संज्ञान में नहीं है, यदि ऐसा कुछ मामला हुआ है तो इसकी जांच कराई जाएगी। सिटी कोतवाली और सिविल लाइन इंस्पेक्टर से इस संबंध में जानकारी ली जाएगी।
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