एक युवक सुजड़ू की तरफ से अशोक स्तंभ के ऊपर चढ़ गया। इसके बाद आरोपी ने राष्ट्रीय प्रतीक चिह्न को पैरों से ठोकरें मारनी व उसे कुचलना शुरू कर दिया। करीब आधा घंटे तक आरोपी का यह कृत्य लगातार जारी रहा, लेकिन इसी दौरान मेरठ की तरफ से आ रहे एक युवक ने आरोपी की इस करतूत को देखकर शोर मचाते हुए उसे पकड़ने का प्रयास किया।
इस पर आरोपी युवक स्तंभ से कूदकर पुलिसकर्मियों के सामने ही वहां से फरार हो गया। वहीं इस मामले में पुलिस ने अपनी जान बचाने के लिए आरोपी को मनोरोगी बताते हुए पूरी कार्रवाई से पल्ला झाड़ लिया।
इस मामले में अधिवक्ता अश्वनी शर्मा ने बताया कि राष्ट्रीय प्रतीक चिह्न के प्रति इस तरह का व्यवहार भारत राष्ट्रीय प्रतीक (अनुचित प्रयोग का निषेध) के तहत कानूनन अपराध है। यदि किसी ने ऐसा किया है तो उसके खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत ही एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
सीओ सिटी हरीश सिंह भदौरिया ने बताया कि ऐसा कोई मामला अभी तक संज्ञान में नहीं है, यदि ऐसा कुछ मामला हुआ है तो इसकी जांच कराई जाएगी। सिटी कोतवाली और सिविल लाइन इंस्पेक्टर से इस संबंध में जानकारी ली जाएगी।