मेरठ। डग्गामार बसों के संचालन पर हाय तौबा मचाने वाले रोडवेज कर्मचारी नेता इन्हें रोकने की जिम्मेदारी मिलते ही गायब हो गए हैं। एक कर्मचारी नेता को छोड़कर बाकी नेता दी गई ड्यूटी को नहीं कर रहे हैं। इसका पूरा फायदा डग्गामार उठा रहे हैं। भैसाली बस अड्डे के सामने से सवारी भरकर न केवल विभाग के राजस्व को चोट पहुंचा रहे हैं, बल्कि नेताओं को भी आइना दिखा रहे हैं।
मेरठ-दिल्ली-मुजफ्फरनगर आदि रूट पर डग्गामार बसें रोडवेज के समानांतर चल रही हैं। विभाग ने सर्वे कराकर 179 डग्गामार बसों की सूची आरटीओ से लेकर शासन तक भेजी थी। विभाग का कहना है कि हर महीने डग्गामार बसें रोडवेज का करीब दस करोड़ रुपये का राजस्व हड़प रही है। शिकायत होने के बाद भी बसों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। रोडवेज के कर्मचारी संगठन डग्गामार बसों पर लगाम लगाने की लगातार मांग करते रहे हैं। आरएम नीरज सक्सेना ने इसका संज्ञान लेते हुए कर्मचारी संगठनों के शीर्ष नेताओं की आठ सदस्यीय कमेटी बनाकर भैसाली बस अड्डे की परिधि में डग्गामार बसों के संचालन को रोकने की जिम्मेदारी दी थी। इस कमेटी में राजीव त्यागी, लाखन सिंह, वीरेंद्र सिंह, सुहेल अहमद, गुलशाद अली, जितेंद्र शर्मा, चतर सिंह और भारत भूषण आदि संगठन पदाधिकारियों को शामिल किया है। इन्हें सुबह 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक और शाम 4 बजे से रात 8 बजे तक ड्यूटी करनी थी। लेकिन एक पदाधिकारी को छोड़कर बाकी नेता ड्यूटी नहीं निभा रहे हैं। इसके चलते डग्गामार बसें भैसाली बस अड्डे के सामने से ही लगातार सवारी भर रही है। रविवार को भी डग्गामार बस यहीं से सवारी भरती देखी गई। इस बारे में आरएम नीरज सक्सेना ने बताया कि कमेटी में शामिल सदस्यों को डग्गामार बस रोकने की जिम्मेदारी दी गई है। अगर बसों का संचालन नहीं रुका तो कार्रवाई की जाएगी।