नौचंदी मेले में पहुंचीं मैथिली ठाकुर।
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कला किसी उम्र की मोहताज नहीं होती। फेसबुक पर 10 मिलियन से ज्यादा फॉलोअर्स, यूट्यूब पर चार मिलियन सब्सक्राइबर्स और अपनी बुलंद आवाज से लाखों दिलों पर राज करने वाली मैथिली ठाकुर मंगलवार को मेरठ पहुंचीं। उन्होंने नौचंदी मेले में अपनी आवाज का जादू चलाया। अमर उजाला से बातचीत में उन्होंने बिहार से दिल्ली तक के सफर पर दिल खोलकर बात की। उन्होंने कहा कि अगर मंजिल तय है तो सफर आसान हो जाता है।
मैथिली ठाकुर ने जो 21 वर्ष की आयु में मुकाम हासिल किया वह किसी भी कलाकार के लिए गर्व की बात है। मैथिली ने बताया कि पहली बार उन्होंने नौ वर्ष की आयु में स्टेज पर पालम में प्रस्तुति दी। वह पिता और भाइयों को अपना आदर्श मानती हैं। उन्होंने राशिद खान और किशोरी से भी बहुत कुछ सीखा। मैथिली ने बताया कि पिता और दादा भी गीत गाते थे। उन्हें से वह भी सीखने लगीं।
उन्होंने बताया कि रियलिटी शो में पहचान बनाने के बाद सोशल मीडिया पर उन्होंने अपनी एक नई दुनिया बनाई है। उन्होंने भोजपुरी, कजरी, बॉलीवुड और पारंपरिक लोकगीत गाए हैं। सितारों से सजा हंसी है आसमां या रब्बा 2016 में मैथिली की एलबम देश ही नहीं, दुनिया भर के संगीत प्रेमियों ने पसंद की। भागवत गीता, राम सीता विवाह की भी एलबम मैथिली के द्वारा निकाली गई।
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2022 में मैथिली ने शिव तांडव स्त्रोत, छोटी सी मेरी पार्वती, आजु मिथिला नगरिया नहल सखियां आदि को अपनी आवाज दी। मैथिली ने कहा कि स्वयं पर ईश्वर की कृपा मानती हूं कि मुझे ऐसा परिवार मिला। शहर के युवा प्रेमियों को संदेश दिया कि अगर आप दृढ़ संकल्प के साथ कोई कार्य करते हैं तो आपकी जीत निश्चित है। कार्यक्रम में पिता रमेश ठाकुर, भाई आयाची और भाई ऋषभ भी पहुंचे।
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