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Meerut News: जमीन अधिग्रहण के विरोध में किसानों की महापंचायत कल

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खरखौदा। गंगा एक्सप्रेसवे पर प्रस्तावित औद्योगिक गलियारे के लिए किसान जमीन देने को तैयार नहीं हैं। इस संबंध में 4 नवंबर को किसानों की महापंचायत होगी। इसके बाद अनिश्चितकालीन धरना दिया जाएगा।
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गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे शासन ने औद्योगिक गलियारे के लिए पहले 200 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण की थी, लेकिन बाद में गलियारे को विस्तार देते हुए 300 हेक्टेयर जमीन के लिए प्रशासन ने तीन गांवों गाेविंदपुर, खड़खड़ी व छतरी में 800 किसानों की भूमि चिह्नित की है। जिसमें प्रस्ताव तैयार करके पहले ही भेज दिया गया था। लेकिन इन चारों गांव के किसान प्रस्तावित 300 हेक्टेयर भूमि के अधिग्रहण का विरोध कर रहे हैं। किसानों ने मुख्यमंत्री से लेकर यूपीआईडी के अध्यक्ष सहित सभी को जमीन न देने की अपनी मंशा पहले ही जाहिर कर दी थी। किसानों का आरोप है कि प्रशासन किसानों को गुमराह कर अधिग्रहण की प्रक्रिया को लगातार आगे बढ़ा रहा है। किसानों ने अधिग्रहण के विरोध को लेकर अनिश्चितकालीन धरने की तैयारी कर ली है।
शनिवार को प्रस्तावित धरना स्थल पर किसान संघर्ष समिति के नेतृत्व में प्रेसवार्ता का आयोजन किया गया। जिसमें किसानों की अगुवाई कर रहे किसान मामचंद नगर ने बताया कि शासन या तो उनकी मांग पर विचार करे, नहीं तो चार नवंबर को धरना स्थल पर ही पहले क्षेत्र के आसपास के गांव के किसानों की महापंचायत होगी तथा उसके बाद अनिश्चितकालीन धरना दिया जाएगा। महापंचायत व धरने के लिए पूरी तैयारी की जा चुकी है। इस मौके पर राजकुमार, रामेश्वर फौजी, परमेंद्र प्रधान, गोपी मुकदम, राजकुमार जाटव, कृपाल सिंह, कालीचरण जाटव, लीलू नागर, मनवीर पहलवान, देवेंद्र, संतरपाल, प्रेम सिंह, सुबोध नगर व कर्मपाल छतरी सहित कई किसान मौजूद रहे।
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