सरधना में आयोजित संगीतमय भगवान ऋषभदेव की महाकथा का शुभारंभ
संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। नगर में आयोजित संगीतमय ऋषभदेव महाकथा का शुभारंभ उत्तर प्रदेश सरकार के राजकीय अतिथि क्रांतिवीर मुनि प्रतीक सागर महाराज ने किया। जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव, आदिनाथ एवं ऋषभनाथ के जीवन एवं उपदेशों पर आधारित इस दिव्य कथा का प्रारंभ भव्यता और धार्मिक उल्लास के साथ शुरू हुआ।
मुनि प्रतीक सागर महाराज ने कहा कि भगवान ऋषभदेव की आराधना जहां जैन संस्कृति में प्रथम तीर्थंकर के रूप में होती है, वहीं सनातन धर्म में उन्हें आदि ब्रह्म के रूप में और मुस्लिम संस्कृति में बाबा आदम के रूप में भी याद किया जाता है। कथा के प्रथम दिन मुनिश्री ने भगवान ऋषभदेव के दस भव में से महाबल पर्याय का उल्लेख करते हुए बताया कि इसी पर्याय से उनके जीवन में लोक कल्याण की दिशा आरंभ होती है।
इससे पूर्व कथा का उद्घाटन घटयात्रा से हुआ। महिलाओं एवं कन्याओं द्वारा मंगल कलश धारण कर निकाली गई। यह यात्रा दिगंबर जैन पंचायती मंदिर, आदर्श नगर से प्रारंभ होकर विद्योदय निलय तीर्थ क्षेत्र तक पहुंची, जहां मुख्य कार्यक्रम आयोजित हुआ। यात्रा मार्ग में श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर कलश धारिणियों का स्वागत किया। ध्वजारोहण रजनीश जैन एवं सचिन जैन ने किया। मंडप का उद्घाटन सुरेंद्र जैन एवं आशीष जैन ने किया। चित्र अनावरण, दीप प्रज्ज्वलन एवं पाद प्रक्षालन की पावन विधि प्रवीण जैन, शुभम जैन, रजत जैन परिवार द्वारा की गई।
संचालन आचार्य पंडित नरेश कुमार जैन ने किया। इस मौके पर पंकज जैन, सौरभ जैन, ऋषभ जैन, अनिल जैन, अनुज जैन, कमल जैन, आशीष जैन, विजय जैन, गौरव जैन, नमन जैन, राजीव जैन, कुणाल जैन रहे।
सरधना। ऋषभदेव महाकथा के पहले दिन शामिल हुए श्रद्धालु। आयोजक