स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के बाद पुलिस ने रविवार को मेट्रो अस्पताल एंड ट्रामा सेंटर को बंद करा दिया। लाइसेंस भी निरस्त कर दिया गया है। इलाज कराने आए मरीजों को दूसरी जगह शिफ्ट करने के बजाए पुलिस ने अस्पताल से बाहर निकाल दिया। लॉकडाउन में अधिकतर अस्पताल बंद थे, जिस कारण मरीजों को परेशानी उठानी पड़ी। मरीजों का कहना था कि पुलिस और स्वास्थ्य विभाग को पहले उनके उपचार का प्रबंध करना चाहिए था।
बड़ौत कोतवाली पुलिस दिल्ली-सहारनपुर हाइवे स्थित मेट्रो अस्पताल एंड ट्रामा सेंटर पहुंची। सीएमओ डॉ. आरके टंडन के आदेश का हवाला देते हुए अस्पताल प्रबंधन को बताया कि उनके यहां खामियां मिली है। अस्पताल को बंद करने के लिए लिखा गया है। इस दौरान अस्पताल में तकरीबन 10 से 15 मरीजों को बाहर निकाला गया। यहां पर तीन मरीज भर्ती भी थे, जिनकी बाद में छुट्टी की गई। मरीजों का कहना था कि पहले उनके उपचार का दूसरी जगह प्रबंध होना चाहिए था। लॉकडाउन में अधिकतर अस्पताल बंद थे, जिस कारण मरीजों को परेशानी उठानी पड़ी।
चल रही जांच, सख्त होगी कार्रवाई
मरीज की शिकायत के आधार पर जांच कराई गई थी। टीम को अनियमिताएं मिली, इसी आधार पर बड़ौत के मेट्रो अस्पताल एंड ट्रामा सेंटर का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया है। पुलिस की मदद से अस्पताल बंद करा दिया गया है।
- डॉ आरके टंडन, सीएमओ।
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