स्ववित्तपोषित संस्थानों में जिस प्रकार से इस वर्ष प्रवेश की स्थिति है और अभी तक बेहद कम पंजीकरण हुए है उससे किसी भी दशा में संस्थानों को बिना प्रवेश के निर्बाध चलाना संभव ही नहीं होगा। फेडरेशन के अध्यक्ष नितिन यादव ने विश्वविद्यालय से कहा है कि संस्थानों के भविष्य को देखते हुए प्रवेश पंजीकरण की तिथि को विस्तारित किया जाए।
वहीं फेडरेशन की बात का जवाब देते हुए विश्वविद्यालय ने कहा है कि सीसीएसयू से संबंधित कॉलेजों में संचालित यूजी पाठ्यक्रमों एवं स्नातक स्तर के सर्टिफिकेट एवं डिप्लोमा (बीएएलएलबी और बीकॉमएलएलबी पाठ्यक्रमों को छोड़कर) में सत्र 2025-26 में प्रवेश के लिए पंजीकरण करने की अंतिम तिथि 30 जून है। डीएसडब्ल्यू भूपेंद्र सिंह ने कहा कि ऐसे में सभी कॉलेजों को निर्देशित किया जाता है कि वह अपने संस्थान में अध्ययन के इच्छुक छात्रों का अधिक से अधिक पंजीकरण कराना सुनिश्चित करें।
यदि किसी महाविद्यालय द्वारा इस दिशा में अपेक्षित गंभीरता नहीं बरती जाती है और पंजीकरण की प्रक्रिया में लापरवाही पाई जाती है तथा पोर्टल बंद हो जाता है तो उसका समस्त उत्तरदायित्व संबंधित महाविद्यालय का होगा।
वेंक्टेश्वरा विवि का जर्मनी के साथ शैक्षणिक अनुबंध
कंकरखेड़ा हाईवे स्थित वेंक्टेश्वरा विश्वविद्यालय का मंगलवार को इंजीनियरिंग व एग्रीकल्चर पाठ्यक्रमों को लेकर जर्मनी की एकेडमी ऑफ डिजीटल एजुकेशन के साथ लेटेस्ट टेक्नोलॉजी फाइव-जी, कनेक्टिविटी, हाइड्रोजन तकनीक एवं सोलर एनर्जी तकनीक पर शैक्षणिक अनुबंध हुआ है।
शैक्षणिक अनुभव के तहत दोनों देशों के छात्र कृषि एवं इंजीनियरिंग के क्षेत्र में एक दूसरे देशों के तकनीक से रूबरू होंगे। शुरुआत संस्था के अध्यक्ष सुधीर गिरि, डॉ. राजीव त्यागी, कुलपति प्रो. कृष्णकांत दवे, जर्मन एकेडमी के हेड प्रो. अमित दास, एनबी रॉय व पीयूष पांडेय ने मां सरस्वती की प्रतिमा के सम्मुख दीप प्रज्जवलित कर व समझौता पत्र एक दूसरे को देकर की। अध्यक्ष ने कहा कि जर्मनी के साथ शिक्षा पर समझौता कर छात्रों को उच्च तकनीक की जानकारी होगी।
इससे छात्रों को विदेश में भी रोजगार मिल सकेंगे। इस दौरान प्रो. आरएस शर्मा, डॉ. राजेश सिंह, डॉ. एसएन साहू, डॉ. राजवर्द्धन, डॉ. अश्विन सक्सेना, डॉ. ओमप्रकाश गोसाई, डॉ. धीरज दुवे, डॉ. तेजपाल सिंह आदि मौजूद रहे।