पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मुस्लिम राजनीति को ऊंचाइयां देने का काम मुजफ्फरनगर ने किया। बिना भेदभाव के यहां की जनता ने सात बार मुस्लिम नेताओं के सिर पर जीत का सेहरा बांधा। पश्चिम के अधिकतर बड़े मुस्लिम नेता जिनमें गय्यूर अली खां, मुनव्वर हसन, सईदुज्जमा, कादिर राना यहां से सांसद रहे। यहां की जनता ने कश्मीर के रहने वाले मुफ्ती मोहम्मद सईद तक को सांसद बनाया।
रियासत रामपुर को छोड़कर मुजफ्फरनगर पश्चिमी उत्तर प्रदेश की ऐसी लोकसभा सीट हैं, जहां से मुस्लिम सबसे ज्यादा सांसद रहे हैं। रामपुर में केवल एक परिवार का ही कब्जा रहा। लेकिन यहां मुस्लिमों के अपने दौर के सभी बड़े नेता चुनाव जीतते रहे। मुस्लिम राजनीति की शुरुआत यहां 1967 में सीपीआई के टिकट पर लताफत अली खां ने सांसद बनकर की।