नोटबंदी से रियल स्टेट हुआ धड़ाम तो आम जनता रही परेशान
केंद्र सरकार ने आठ नवंबर 2016 को नोटबंदी का फैसला लिया था। इस दौरान जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। घंटों एटीएम पर खडे़ होकर कैश निकालना पड़ रहा था। नए नोटों के साइज के हिसाब से पुरानी मशीनों के बाक्स अलग थे। जिसके चलते यह परेशानी लंबे समय तक रही। शहर में आज भी कुछ एटीएम नोटबंदी के बाद चालू नहीं हैं। रियल इस्टेट का कार्य बुरी तरह प्रभावित हुआ। परतापुर एसबीआई शाखा प्रबंधक हरीश वाधवा ने बताया नोटबंदी से पहले तैयारियां अधूरी थीं। जिसके चलते सभी को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा है।
बोले व्यापारी, जीएसटी-नोटबंदी ने किया परेशान
उत्तर प्रदेश व्यापार मंडल के प्रांतीय अध्यक्ष राधेश्याम नारंग का कहना है कि व्यापारी अभी भी जीएसटी और नोटबंदी के प्रभाव से उबर नहीं पाए हैं। इसका असर आने वाले चुनावों पर भी साफ दिखाई देगा। बड़ौत के टाइल्स व्यापारी आकाश चौधरी कहते हैं कि नोटबंदी से फायदा कम और नुकसान अधिक हो गया है। वहीं बिजनौर से उप्र उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल जिलाध्यक्ष मनोज कुच्छल के अनुसार जीएसटी के बाद व्यापार बढ़ा है। शामली के उद्यमी अंकित गोयल कहते हैं कि जीएसटी और नोटबंदी को लोग भूल चुके हैं। पइस बार भी यह मुद्दा नजर नहीं आ रहा। द गुड़ खांडसारी मर्चेंट्स एसोसिएशन के मंत्री श्याम सिंह सैनी ने कहा कि अब व्यापारी जीएसटी समझ चुके हैं, और सरकार ने भी इसकी कठिनाईयों को दूर कर दिया है।
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