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#VoteKaro अमर उजाला महाअभियान: बंपर वोटिंग से टूटा 39 साल का रिकॉर्ड, अहम है पश्चिम की यह सीट

Fri, 12 Apr 2019 03:18 PM IST
कपिल kapil मनु चौधरी, अमर उजाला, मेरठ
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मतदान के लिए लगी थी लंबी लाइन - फोटो : अमर उजाला
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लोकसभा चुनाव में मेरठ जिले ने पिछले 39 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया। शहर ने जहां लोकतंत्र का जश्न मनाया। वहीं, इमरजेंसी के बाद 1977 में हुए लोकसभा चुनाव के बाद मेरठ जिले में गुरुवार को सबसे अधिक मतदान हुआ। युवाओं और महिलाओं का उत्साह भी इस मतदान में खूब दिखाई दिया। सुबह के समय कम रही वोटिंग ने दोपहर के बाद से रफ्तार पकड़ी। शहर और देहात में मतदाता जागरूकता अभियान से भी वोटिंग प्रतिशत बढ़ा।

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लोकसभा चुनाव को लेकर माना जा रहा था कि इस बार मतदान प्रतिशत 2014 में हुए लोकसभा चुनाव की तुलना में बढ़ सकता है। इस बार वोटिंग में एक प्रतिशत से भी ज्यादा बढ़ोत्तरी हुई। पांच साल पहले भी लोकसभा चुनाव में वोटरों का उत्साह देखने को मिला था। लेकिन इस बार भी ऐसा ही उत्साह फिर से देखने को मिला। युवाओं से लेकर वरिष्ठ मतदाताओं में भी जोश दिखा। युवाओं की जहां पोलिंग बूथों पर सुबह से ही लाइनें लगनी शुरू हो गई थीं। वहीं वरिष्ठ नागरिक भी अपनों का सहारा लेकर पोलिंग बूथ तक पहुंचे और अपने मताधिकार का प्रयोग किया।

1952 से 2019 तक के लोकसभा चुनावों के आंकड़ों पर नजर डालें तो 1971 में 65.61 प्रतिशत मतदान हुआ था। लेकिन इमरजेंसी के बाद 1977 में मतदान का प्रतिशत 67.08 पहुंच गया। 1977 के बाद से मेरठ में 64 प्रतिशत मतदान का आंकड़ा नहीं पहुंचा। गुरुवार को हुए चुनाव में मतदान का प्रतिशत 64.25 पहुंच गया। जिले के लिए सबसे अच्छी बात यह रही कि चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। संवेदनशील और अतिसंवेदनशील बूथों पर एडीजी जोन, डीएम और एसएसपी खुद राउंड करते हुए नजर आए।
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अमर उजाला की थी मुहिम
अमर उजाला और प्रशासन ने मतदाता जागरूकता की मुहिम चलाई थी। स्कूल-कॉलेजों के अलावा बाइक रैली और मतदाता जागरूकता रैली से लोगों को जागरूक किया था। इस जागरूकता अभियान से भी 1980 के बाद यानी 39 साल बाद मतदान प्रतिशत बढ़ा है।

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धीमी रही शुरुआत, दो घंटे बाद आई तेजी 
सुबह सात बजे मतदान शुरू होने के बाद से बूथों पर वोटरों की संख्या बहुत कम दिखाई दी। दो घंटे बाद स्थिति में कुछ सुधार आया। सुबह 9 बजे के बाद लोगों ने घर से निकलना शुरू किया। यह स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय केसर गंज, दिल्ली रोड स्थित धर्मशाला, टाऊन हॉल एवं घंटाघर की धर्मशाला में बने बूथों की रही। यहां सात से नौ बजे के बीच मतदान की रफ्तार धीमी रही। यह सभी मतदान स्थल मुस्लिम बाहुल क्षेत्र के तहत आते हैं। 11 बजते-बजते बूथों पर लंबी-लंबी कतारें नजर आने लगीं।  

मेरठ जिले में कब कितना मतदान (प्रतिशत में)
1952    52.99
1957     61.34
1962    60.48
1967     30.43
1971     65.61
1977    67.08
1980    61.23
1984     63.57
1989    55.08
1996    51.19
1998    59.85
1999    58.61
2004     52.44
2009     48.23
2014     63.11

विधानसभा वार मतदान प्रतिशत 2019
विधानसभा     9 बजे    11 बजे     1 बजे     3 बजे    5 बजे    6 बजे
सिवालखास     9.00    25.00    45.00    53.00    62.00    67.00 
सरधना    13.11    28.00    40.00    52.00    62.00    66.00 
हस्तिनापुर    11.00    22.00    41.00    53.00    62.50    65.00 
किठौर     11.00    27.00    49.00    54.00    63.00    67.00 
मेरठ कैंट     10.00    24.00    40.92    48.00    56.80     62.80 
मेरठ     10.00    23.00    44.00    50.00    57.00    61.00 
मेरठ दक्षिण     12.00    26.00    35.00    51.00    60.00    61.00 
64. 25 प्रतिशत

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