मरते दम तक बड़े चौधरी ने इस समीकरण को एक छतरी के नीचे बनाए रखा। लेकिन उनके जाने के बाद उनके पुत्र चौधरी अजित सिंह ऐसा नहीं कर सके, और यह समीकरण छिन्न-भिन्न होकर भाजपा और सपा के साथ शिफ्ट हो गया। हालांकि मुस्लिम-जाट बेस मतदाताओं के दम पर रालोद की पश्चिमी यूपी की कुछ सीटों पर उपस्थिति बनी रही।
इन सीटों के दम पर रालोद न केवल मुलायम सरकार में भागीदार भी रहा, बल्कि पार्टी सुप्रीमो चौधरी अजित सिंह भाजपा की वाजपेयी सरकार में केंद्रीय कृषि मंत्री भी बने। लेकिन पश्चिमी यूपी की इस प्रभावशाली पार्टी को उस समय झटका लगा, जब 2013 में मुजफ्फरनगर दंगा हुआ। इस दंगे ने पार्टी के सर्वाधिक मजबूत आधार जाट-मुस्लिम को अलग कर दिया। इसका असर ही रहा कि 2014 के लोकसभा चुनाव में पार्टी कोई सीट नहीं जीत सकी।
चौधरी अजित सिंह और उनके बेटे जयंत चौधरी भी चुनाव हार गए। विधानसभा चुनाव 2017 में भी पार्टी को केवल एक सीट मिली। पार्टी के छितरे जाट-मुस्लिम समीकरण को एक करने के लिए चौधरी अजित सिंह और जयंत चौधरी ने क्षेत्र में जन संवाद और सांप्रदायिक सौहार्द सम्मेलन किए।
इसका परिणाम रहा कि पार्टी कैराना लोकसभा उपचुनाव गठबंधन के दम पर जीतने में कामयाब रही। सपा-बसपा गठबंधन में शामिल होने या नहीं होने की उहापोह के बीच मंगलवार को इस पर विराम लग गया।
रालोद को गठबंधन में शामिल कर तीन सीट बागपत, मुजफ्फरनगर और मथुरा दे दी गईं। राजनीतिक पंडितों का कहना है पश्चिमी यूपी में तीनों वर्गों (मुस्लिम-जाट-अनुसूचित जाति) की थोक वोट होने के चलते यह भाजपा पर भारी पड़ेगा।
मंगलवार को पूर्व सीएम एवं सपा प्रमुख अखिलेश यादव और रालोद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयंत चौधरी ने लखनऊ में साझा प्र्रेस कॉन्फ्रेंस कर सपा-बसपा गठबंधन में रालोद के शामिल होने की औपचारिक घोषणा की। घोषणा होते ही तीनों दलों के जिलाध्यक्ष, वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता कमिश्नरी पार्क पहुंच गए और एक दूसरे के गले मिलकर बधाई दी।
लड्डू बांटकर एक दूसरे का मुंह मीठा कराया। बसपा जिलाध्यक्ष सुभाष प्रधान के बुलावे पर रालोद और सपा नेता बसपा कार्यालय पर पहुंच गए और यहां पर बसपा के वेस्ट यूपी प्रभारी सुनील चित्तौड़ के साथ मिलकर संयुक्त बैठक की। सुनील चित्तौड़ ने कहा कि यह गठबंधन भाजपा का सफाया कर देगा। चित्तौड़ ने सभी दलों के नेताओं से जी जान से चुनाव में जुटने का आह्वान किया।
सपा जिलाध्यक्ष राजपाल सिंह, रालोद के प्रदेश संगठन प्रभारी डॉ. राजकुमार सांगवान, जिलाध्यक्ष राहुल देव, प्रदेश महासचिव एनुद्दीन शाह, नरेंद्र खजूरी ने कहा कि ये किसानों, शोषितों, मजदूरों और नौजवानों के हक में बना गठबंधन हैं जो भाजपा की चूल हिला देगा।
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