लॉकडाउन में श्रमिकों की माली हालत खस्ता हो गई। ऐसे हालातों में उबरने के लिए श्रमिक परिवार की महिलाओं ने मास्क बनाना शुरू किया है। मास्क की कमाई से करीब 70 परिवारों की महिलाएं अपने परिवारों का गुजर बसर कर रही हैं। महिलाओं ने कहा कि एक मास्क तैयार करने के 50 पैसे मिलते हैं। परिवार की एक महिला 24 घंटे में 200 रुपये तक कमा लेती हैं।
सिखेड़ा के निराना गांव में 70 परिवारों की करीब 150 महिलाएं मुजफ्फरनगर के गांव सिलाजुड्डी में स्थित पोलो पैक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के ऑर्डर पर मास्क बना रही हैं। फिलहाल यह कंपनी इन मास्क की सप्लाई दिल्ली व लखनऊ में कर रही है। कंपनी के स्वामी प्रभात कुमार व आशीष गोयल ने अपने एजेंट गांव निराना निवासी मोहम्मद अली को मास्क बनाने का ऑर्डर दिया था। मोहम्मद अली गांव की महिलाओं को ऑर्डर देकर मास्क तैयार करा रहे हैं।
स्वरोजगार से खुश हैं महिलाएं
महिला इमराना ने बताया कि लॉकडाउन लगने के बाद उनको मास्क बनाने का काम नहीं मिलता तो परिवार का खर्च कहां से चलता। अब परिवार के लोगों को खाने की चिंता नहीं रही।
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